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चंदौली जिला अस्पताल में बच्चे की मौत पर हंगामा, परिजनों ने स्वास्थ्य कर्मियों पर लगाया आरोप

चंदौली जिले के पण्डित कमलापति त्रिपाठी जिला अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही का मामला सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार यहां पर इलाज के दौरान एक बच्चे की मौत हो गई, जिससे नाराज परिजनों ने हंगामा खड़ा कर दिया।

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Child death due to negligence of doctors in district hospital

चंदौली में पंडित कमलापति त्रिपाठी जिला अस्पताल में शनिवार को बच्चे की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने हंगामा खड़ा कर दिया। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। हंगामे की सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल वहां पहुंच गया। पुलिस ने आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया।

सैयदराजा थाना क्षेत्र के सुंदरा निवासी राजा बाबू की पत्नी अनीता चौहान ने 18 जून को जिला अस्पताल में ही ऑपरेशन से बच्चे को जन्म दिया था। एक सप्ताह बाद परिजन बच्चे को लेकर घर चले गए। छह दिन पहले बच्चे की तबीयत खराब होने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन शनिवार को बच्चे की मौत हो गई।

इससे आक्रोशित परिजनों ने डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। साथ ही लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते रहे। स्वास्थ्य कर्मियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। इसकी जानकारी होते ही कोतवाल गगन राज सिंह पुलिस बल के साथ जिला अस्पताल पहुंच गए। पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया।

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बच्चे की मौत पर क्या बोले डॉक्टर ?

सीएमएस डॉक्टर सत्य प्रकाश ने बताया कि बच्चे को दूध न पीने की वजह से भर्ती कराया गया था। अस्पताल में बच्चे का उचित इलाज रहा था। बच्चा ठीक भी हो रहा था। शनिवार सुबह बच्चे की मां ने बच्चे को दूध पिलाया। उसके बाद बच्चे को बिस्तर पर लेटते ही दूध उसके श्वास नली में फंस गया। इस वजह से काफी दिक्कत हुई और डॉक्टरों ने बच्चे का उचित ट्रीटमेंट किया। लेकिन बच्चे की मौत हो गई।

उन्होंने आगे बताया कि इस मामले में तरह-तरह के आरोप लग रहे हैं। बच्चे का पोस्टमार्टम किया जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद आरोपी को कड़ी सजा दी जाएगी।

परिजनों ने बताया कि शनिवार सुबह तक बच्चा ठीक था। उसके बाद बच्चे को अंदर ले जाया गया। फिर अंदर जाते ही 5 मिनट के भीतर बच्चे ने दम तोड़ दिया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि रात में एक भी स्वास्थ्यकर्मी यहां नहीं होता है। अस्पताल में नई नर्सेज बहाल हुई हैं, उन्हें इंजेक्शन लगाना भी नहीं आता।