
संघर्ष
चंदौली. गत दिनों सदर कोतवाली अन्तर्गत बसंतपुर में दो पक्षो के बीच हुए खूनी संघर्ष में घायल छोटू यादव की इलाज के दौरान वाराणसी स्थित ट्रामा सेंटर में गुरुवार को मौत हो गई। जिसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने शव का अंतिम संस्कार नहीं करने का निर्णय लेते हुए जमकर विरोध हुआ। परिजनों का कहना है कि शासन के दबाव में प्रशासन एक पक्षीय कार्रवाई कर रहा है।
विदित हो कि गत 7 दिसंबर को सदर कोतवाली क्षेत्र के बसन्तपुर बिसुन्धरी गांव में मामूली बात को लेकर दो पक्षों में मारपीट हो गई थी। जिसमे छोटू यादव नामक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था। जिसे पुलिस ने वाराणसी स्थित ट्रामा सेंटर म भर्ती कराया था जहां इलाज के दौरान छोटू की गुरुवार को मौत हो गई। छोटू की मौत के बाद गांव में तनाव व्याप्त हो गया।
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परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया है। परिजनों का आरोप है कि विपक्षी भाजपा नेता हैं, जिसके प्रभाव के चलते प्रशासन पूरी तरह एक तरफ़ा कार्रवाई कर रही है। यही नहीं पुलिस ने घर में घुस कर तांडव भी मचाया और महिलाओं की पिटाई भी किया था। हम लोगो द्वारा नामजद तहरीर भी दिया गया था लेकिन नामजद मुकदमा आज तक नहीं दर्ज हुआ और ना ही कोई कार्रवाई हुई उलटे हम लोगों को मारा पीटा भी गया और नाबालिग बच्चों सहित आधा दर्जन लोगो को गिरफ्तार भी किया गया।
परिजनों का कहना था कि जब तक गुनहगारों की गिरफ्तारी नहीं होगी तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जायेगा। सूचना पर पहुंचे पुलिस के आलाअधिकारियों के समझाने बुझाने परिजन शव के अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। तत्पश्चात शव का अंतिम संस्कार किया गया।
Published on:
21 Dec 2017 07:24 pm
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