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ताजिए का गुबंद 33 हजार वोल्ट तार से टकराया, एक दर्जन झुलसे

बबुरी-स्थानीय थाना क्षेत्र के नकटी पुलिया के पास 33 हजार वोल्ट का तार ताजिया के गुंबद से टच कर गया। जिससे ताजिया में आग लग गई।

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tajia procession fire

ताजिए का गुबंद 33 हजार वोल्ट तार से टकराया

चंदौली. बबुरी-स्थानीय थाना क्षेत्र के नकटी पुलिया के पास 33 हजार वोल्ट का तार ताजिया के गुंबद से टच कर गया। जिससे ताजिया में आग लग गई। वहीं एक दर्जन लोग झुलस गए। घटना के बाद ग्रामीणोंने 108 न पर फोन करके तथा गम्भीर घयलो को निजी साधनों से इलाज के लिए जिलाचिकित्सालय भेज दिया गया। सूचना पर बबुरी थानाध्यक्ष ए के सिंह भारी फोर्स के साथ पहुंच गए। घटना के बाद तीनों ताजियों को नहर पुलिया पर रख कर रोड जाम कर दिया।

रविवार की शाम को रघुनाथपुर गांव की तीन ताजिया का जुलूस लेकर नकटी गांव की तरफ बढ़ने लगे। नकटी गांव नहर पुलिया पर पहुंचते ही ऊपर से गुजर रहे 33हजार वोल्ट के तार से एक ताजिया का गुंबद टच कर गया। देखते ही देखते ताजिया में आग लग गई और एक दर्जन ताजियादारी करंट की चपेट में आने से झुलस गए।इसमें शिवकुमार 40 वर्ष, संजय 35, पप्पू 55, बोतल 40, पप्पू 20, श्री राजू 15, अशरफ पीर मोहम्मद नूरानी 32, सफीउल्लाह 40, रामबाबू 10 ,महेंद्र 45, दीपू 22,अरमान 15 घायल हो गए।

जिसमें शिवकुमार संजय श्री राजू सपोला अशरफ गंभीर रुप से घायल हैं। सभी घायलों को जिला चिकित्सालय चंदौली भेज दिया गया। घटना के बाद तीनों ताजिया को नहर पर रखकर सभी ताजियादारी व अन्य ग्रामीण भी धरने पर बैठ गए। कुछ देर बाद जनपद के आला अधिकारी सदर एसडीएम विकास कुमार सिंह, एएसपी एडिशनल वीरेंद्र कुमार यादव ही पहुंच गए। काफी समझाने-बुझाने के बाद भी ताजियादारी मानने को तैयार नहीं थे। उन्होंने जिलाधिकारी और बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता को मौके पर आने की मांग करने लगे। कुछ घंटों बाद ताजियादारों की मांग पर SDM व एडिशनल एसपी के आश्वासन दिया।

साथ ही बिजली विभाग के ऊपर मुकदमा दर्ज करने का आदेश बबली थाना अध्यक्ष को दिया। वहीं सभी घायलों का सरकारी पैसे से वंचित इलाज कराने का आश्वासन भी दिया। इसके अलावा इसके अलावा लटके हुए तारों को तत्काल ठीक कराने का भी आश्वासन दिया। तब जाकर सभी ताजियादारी अपने ताजिया को लेकर कर्बला में दफ़न करने के लिए ले गए। धरना देने वालों में राकेश, अलाउद्दीन, मुन्ना भइया लाल, मोइनुद्दीन नक्शा डॉक्टर सफीउल्लाह वारसी, पनारी शमशु छांगुर, भूरे लाल गुलाब इमरान, महताब हुसैन मजीद सहित सैकड़ों ग्रामीणों ताजियादार शामिल थे।