चंदौली

शिवपाल यादव के मोर्चे से लोहा लेने के अखिलेश यादव ने मनोज सिंह काका को दी बड़ी जिम्मेदारी

अखिलेश यादव के करीबी और भरोसेमंद माने जाते हैं मनोज सिंह काका।

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मनोज सिंह काका

चंदौली . चाचा शिवपाल सिंह यादव के समाजवादी सेक्युलर मोर्चा से दो दो हाथ करने के लिये भतीजे अखिलेश यादव ने भी कमर कस ली है। दो दिन पहले शिवपाल यादव ने समाजवादी सेक्युलर मोर्चा के प्रवक्ताओं के पैनल की लिस्ट जारी की तो अब उसके जवाब में समाजवादी पार्टी की ओर से भी सपा के नए प्रवक्ताओं के पैनल का ऐलान कर दिया गया है। इस पैनल में यह खयाल रखा गया है कि प्रवक्ताओं को न सिर्फ बीजेपी को ही काउंटर करना है बल्कि शिवपाल यादव के मोर्चे से भी लोहा लेना है। इस लिस्ट में अखिलेश यादव के चहेते और लखनऊ विश्वविद्यालय के गोल्ड मेडलिस्ट रहे सपा नेता मनोज सिंह यादव काका को भी जगह दी गयी है।

मनोज सिंह काका अखिलेश यादव के साथ IMAGE CREDIT:

मनोज सिंह का राजनैतिक जीवन छात्र नेता के रूप में यू पी कॉलेज वाराणसी से शुरू हुआ। उसके बाद आगे की शिक्षा और राजनीति लखनऊ विश्वविद्यालय से पूरी की। वह लखनऊ विश्विद्यालय के गोल्ड मेडलिस्ट भी रहे। उन्होंने राजनीति के साथ एम बी ए, बी कॉम, एल एल बी, एम फिल की शिक्षा पूरी किया। छात्र राजनीति के दौरान उनका संपर्क समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से हुआ। ऐसा कहा जाता है कि वह अखिलेश यादव के खास हैं और उनकी युवा टीम में भरोसेमंद भी हैं।

मनोज सिंह काका अखिलेश यादव के साथ IMAGE CREDIT:

प्रवक्ता बनाये जाने की सूचने मिलते ही थाना चौराहे पर सैयदराजा विधानसभा के अल्पसंख्यक सभा के अध्यक्ष नियामुल खान ने मिठाई बांटी और प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी के प्रवक्ता पैनलिस्ट में जनपद निवासी मनोज काका को शामिल किया जाना काफी उत्साहवर्धक है। हम लोग अखिलेश यादव का आभार व्यक्त करते हैं। वहीं क्षेत्र के सितपोखरी बाज़ार में भी कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे का मुंह मीठा कराकर एक दूसरे को बधाई दिया।

छात्र नेता विपिन यादव बिक्कू ने कहा कि मनोज काका का पूरा जीवन संघर्षो से भरा हुआ है उन्होंने छात्र जीवन मे अपनी पूरी ऊर्जा छात्रों की भलाई और पार्टी के लिए लगाया और क्षेत्र का नाम रोशन किया। हर्ष व्यक्त करने वालों में मुख्य रूप से सहरे आलम खान, सुरेश यादव, हाजी बिस्मिल्लाह, सरफराज खान, साहब सिंह, साजिद खान, रूदल, गुड्डू यादव, छोटू, रमेश मौर्य, एखलाक खान, इमरान लड्डू, कुंज बिहारी, सीताराम प्रजापति सहित अन्य कार्यकर्ता रहे।

By Santosh jaiswal

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Published on:
13 Sept 2018 10:47 pm
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