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न्यू ईयर पर जाम छलकाने यूपी पहुंचे बिहारी, बिहार में भी छलकेगा पूर्वांचल का जाम

बिहार के न्यू ईयर सेलिब्रेशन में छलकेगा यूपी का जाम

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Mohd Rafatuddin Faridi

Dec 31, 2016

Illigle liquor

Illigle liquor

वाराणसी. ऐसा कहा जा रहा है कि बिहार का यह पहला न्यू ईयर सेलिब्रेशन होगा जो ड्राइ होगा। यानि वहां इस बार नए साल का जश्न बिना शराब के मनेगा। पर सूत्रों की मानें तो बिहार में न्यू ईयर सेलिब्रेट करने वालों ने पहले ही शराब का इंतजाम कर लिया है। बिहार के न्यू ईयर सेलिब्रेशन में माहौल बनाने के लिये यूपी का जाम छलकेगा। पिछले काफी दिनों से यूपी बिहार बॉर्डर पर शराब की तस्करी की गयी है। बिहार सीमा पर और सीमावर्ती जिलों में इधर बीच जिस बड़ी मात्रा में अंग्रेजी और देशी शराब की खेप पकड़ी गई है वह अपने आप ही इस बात को साबित करती है। इसके अलावा जो नहीं इंतजाम कर सके हैं वह यूपी में आकर अपना नया साल मनाएंगे। ऐसे लोग बिहार से सटे यूपी के जिलों में पहुंच भी चुके हैं, क्योंकि रात के समय बिहार पुलिस बॉर्डर पर चेकिंग बढ़ा सकती है ऐसा कहा जा रहा है।




यूपी में पूर्वांचल के तकरीबन दर्जन भर जिले बिहार की सीमा से सटे हैं। इनमें महाराजगंज से लेकर सोनभद्र बिहार की सीमा से सीधे सटे हुए हैं। इनके अलावा महाराजगंज, गोरखपुर, आजमगढ़, मऊ, बनारस, मिर्जापुर जैसे जिले भी बिहार सीमा के करीब के हैं। इन जिलों में इस माह पुलिस ने जमकर शराब तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की। अवैध अंग्रेजी शराब व देसी दारू की खेप भी पकड़ी गयीं। पर बावजूद इसके बताया जा रहा है कि बड़ी तादाद में तस्कर पुलिस की नजरों से बचकर अवैध शराब की तस्करी में कामयाब भी हुए हैं। इसमें पुलिस की संलिप्तता का भी आरोप लगाया जाता है, पर पुलिस ने इसको सिरे से निकारा है।




यूपी के आठ जिलों में बिहारी आकर छलकाएंगे जाम
यूपी के आठ जिले ऐसे हैं जहां बिहारी शनिवार को दिन में ही पहुंच गए, ऐसा बताया जा रहा है। वह 31 दिसम्बर की रात यूपी में ही रहेंगे और नए साल पर ही बिहार में प्रवेश करेंगे। वजह, बिहार मे नीतीश सरकार ने न सिर्फ शराब बेचने पर प्रतिबन्ध लगाया है, बल्कि पीने और रखने पर भी कड़ी सजा का कानून पास कर दिया है। ऐसे में बिहार के शराबियों के लिये यूपी का पूर्वांचल किसी जन्नत से कम नहीं। पूर्वांचल के आठ जिले बिहार सीमा से सटे हैं। इनमें महाराजगंज, कुशीनगर, पडरौना, देवरिया, बलिय, गाजीपुर, चंदौली और सोनभद्र शामिल हैं। यही नहीं इसके अलावा आजमगढ़, बनारस जैसे बड़े शहरों की दूरी भी बिहार से कम है। इन शहरों में बिहार के लोग न्यू ईयर सेलिब्रेशन के लिेय पहुंच गए हैं।



बिहार की सीमा पर खुले हैं कई मदिरालय
बिहार में शराब बन्दी के बाद पूर्वांचल के सभी आठ सीमावर्ती जिलों में बॉर्डर से सटे मदिरालयों की चांदी है। बॉर्डर से कम दूरी पर इन जिलों में कई शराब के ठेके हैं, जहां रोजाना बिहार के लोग आकर जाम छलकाते हैं, और नशा उतरने पर वापस चले जाते हैं। यह वसूली का भी बड़ा जरिया बन चुका है। बिहार सरकार इसको लेकर यूपी सरकार से शिकायत भी कर चुकी है।




नजर रखने के लिये लगाए गए हैं मजिस्ट्रेट और पुलिस
वाराणसी जिला प्रशासन इसको लेकर काफी सतर्क है। डीएम योगश्वर राम मिश्र, एसएसपी नितिन तिवारी समेत सभी आलाधिकारी इसको लेकर सतर्क हैं। मजिट्रेट लगाए गए हैं, ताकि कोई भी शराब पीकर हुड़दंग न करे और अवैध तरीके से शराब न पी जाय न बेची जाय। सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों और सभी थानों को सतर्क कर दिया गया है। खास तौर से बिहार से सटे सीमावर्ती जिलों के क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि यूपी में आकर शराब पीने पर प्रतिबन्ध नहीं है, पर इसकी आड़ में तस्करी या अवैध खरीद-फरोख्त नहीं करने दी जाएगी।

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