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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुरू कराया था हॉस्पिटल, आज तक बंद है ‘अल्ट्रासाउंड सेंटर’, अधिकारियों में बंट रहा..

उत्तर प्रदेश में भले ही योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दोबारा भाजपा की सरकार बन गई । लेकिन बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का दावा करने वाली योगी सरकार के राज में भी स्वास्थ्य महकमा सुधरने का नाम नहीं ले रहा है और सरकार द्वारा आम जनता के लिए दी जा रही सुविधाओं का खुलेआम मजाक बनाया जा रहा है।

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File Photo of Defence Minister Rajnath Singh to Show to Relate in Chandauli Hospital Inaugurated by Him

File Photo of Defence Minister Rajnath Singh to Show to Relate in Chandauli Hospital Inaugurated by Him

पूर्व में यूपी के सीएम रहे चकिया के भभौरा गांव निवासी वर्तमान में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा बनवाए गए 100 बेड के जिला संयुक्त चिकित्सालय चकिया में स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल है । 1 साल से अल्ट्रासाउंड के कक्ष पर ताला पड़ा हुआ है और रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर नदारद है । जिससे मरीजों को बाहर अल्ट्रासाउंड महंगे दामों पर कराना पड़ रहा है । वहीं अस्पताल के सीएमएस द्वारा रटा रटाया बयान दिया जा रहा है। उच्चाधिकारियों को पत्र के माध्यम से अवगत करा दिया गया। जबकि इस महंगाई में अल्ट्रासाउंड की सुविधा के लिए मरीजों को बाहर प्राइवेट अल्ट्रासाउंड सेंटर का सहारा लेना पड़ रहा है और हजारो रुपये खर्च करने पर रहे है।


केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे की चकिया क्षेत्र को शोभित के संयुक्त जिला चिकित्सालय का सौगात होने दिया था ताकि नक्सल प्रभावित इलाके के लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें लेकिन बीते 1 साल से जिला संयुक्त चिकित्सालय चकिया में डिजिटल x-ray मशीन कक्ष के बगल में कक्ष संख्या 23 है । जिसमें लाखों रुपए खर्च कर अल्ट्रासाउंड की मशीन लगाई गई है । अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा इसलिए की गई थी कि नक्सल प्रभावित इलाके के मरीजों को कम दाम में ही अल्ट्रासाउंड सुविधा मिल सके । लेकिन 2021 के मई माह में रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर अनिल कुमार पांडे का अन्यत्र ट्रांसफर होने के बाद अल्ट्रासाउंड कक्ष में ताला लगा हुआ है। ओपीडी मे बैठे चिकित्सक प्रतिदिन मरीजों को अल्ट्रासाउंड कराने की पर्ची लिखते है। लेकिन मजबूरन मरीजों को बाहर से महंगे दामों पर अल्ट्रासाउंड कराने के हजारों रुपए खर्च करने पड़ते हैं। पत्नी की पेट में दर्द का इलाज कराने आए जिला संयुक्त चिकित्सालय चकिया आये धीरज श्रीवास्तव ने बताया की अल्ट्रासाउंड की मशीन तो है लेकिन डॉक्टर ना रहने की वजह से जिला अस्पताल के बाहर गेट पर स्थित प्राइवेट पैथोलॉजी सेंटर से अल्ट्रासाउंड कराना महंगा पड़ा और हजारों रुपये लग गये ।

प्राइवेट अल्ट्रासाउंड सेंटरों की चांदी कट रही है।


जिला सँयुक्त चिकित्सालय के सीएमएस अजय सिंह गौतम ने रटा रटाया बयान दिया । उन्होंने बताया की पिछले साल रेडियोलाजिस्ट का ट्रांसफर होने के बाद यहां पद रिक्त पड़ा है । इस संबंध में उच्च स्तर के अधिकारियों को लिखित सूचना दे दी गई है। जैसे ही रिक्त पदों की पूर्ति होगी मरीजों को सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी.

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