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पहली बार नेता विपक्ष की भूमिका में दिखे अभय चौटाला

विपक्ष के नेता अभय चौटाल ने फ्रैडली मैच के बहाने भाजपा सरकार पर की जमकर चोट की

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Bhup Singh

Mar 10, 2015

Abhay Chautala

Abhay Chautala

चंडीगढ़। हरियाणा बजट सत्र के दूसरे दिन राज्यपाल अभिभाषण पर चर्चा में शामिल होते हुए विपक्ष के नेता अभय चौटाल ने फ्रैडली मैच के बहाने भाजपा सरकार पर की जमकर चोट की। चर्चा के बहाने अभय सदन में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की बजाय पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की कार्यप्रणाली की प्रंशसा करते रहे और उन्होंने सरकार को भूमि अधिग्रहण, कानून व्यव्स्था, स्वामीनाथन रिपोर्ट समेत कई मुद्दों पर घेरा। अभय ने जमीन रिलीज तथा सी.एल.यू. मामलों में हुड्डा पर निशाना साधते हुए भाजपा सरकार को कटघरे में खडा किया, ऐसे मामलों में कारवाई क्यो नहीं की गई?

अभय ने कहा कि राज्यपाल अभिभाषण में बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों के लिए मुआवजे का कोई जिक्र नहीं है और भाजपा सरकार इस विषय पर गंभीर भी नहीं है जबकि पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल किसानों के मुआवजे के लिए प्रधानमंत्री से मिले और 700 करोड रूपए का मुआवजा मांगा। उन्होंने मुख्यमंत्री को सलाह दी इस संदर्भ में तत्परता दिखाते हुए केन्द्र में बात करें। उन्होंने कहा कि फसलों कें 50 प्रतिशत नुकसान पर कम से कम 25 हजार रूपए मुआवजा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछली बार राज्यपाल अभिभाषण में फसलों के नुकसान पर किसानों को 123 करोड रूपए मुआवज दिए जाने का जिक्र था, लेकिन किसी भी किसान को मुआवजा नहीं मिला है।

मुख्यमंत्री अपने जवाब में बताए कि प्रदेश के किस क्षेत्र में किस किसान को कितना मुआवजा मिला है। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण अध्याध्येश से सबसे ज्यादा हरियाणा के किसान प्रभावित होते है क्योंकि हरियाणा का काफी क्षेत्र एन.सी.आर. में पडता है और अधिकांश किसानों के पास एक एकड से ज्यादा जमीन नहीं है। विपक्ष के नेता ने कहा कि सदन को चार लाईनों को प्रस्ताव पास कर केन्द्र से अनुरोध करना चाहिए कि बिना संशोधन के उक्त बिल को लागू न करे।

एस.वाई.एल. मुद़े पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि वर्षों से लंबित इस मामले का सुलझाने का इससे उपयुक्त समय नहीं हो सकता क्योंकि केन्द्र व राज्य में भाजपा की सरकार है। ऐसे में हरियाणा सरकार अगर एस.वाई.एल. का अधूरा निर्माण पूरा करवाने के लिए केन्द्र को प्रस्ताव पारित करके भेजती है तो इनैलो बिना शर्त उसका समर्थन करेगी। स्वामीनाथन रिपोर्ट पर भाजपा सरकार को कटघरे में खडा करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा के घोषणा पत्र में स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करने का वायदा किया गया था, ऐसे में किसानों की इस रिपोर्ट को लागू करने की मांग जायज है।

उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र दिया है कि इस स्वामी नाथन रिपोर्ट को लागू नहीं किया जा सकता जबकि अब प्रदेश के कृषि मंत्री कह रहे के फसलों पर 30 प्रतिशत लाभ देने के लिए केन्द्र को प्रस्ताव भेजा है, यह तो लोगों के साथ वायदाखिलाफी है । उन्होंने कहा कि शांता कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार एफ.सी.आई. गेहूं खरीद नहीं करेगी, ऐसे मेें सरकार को पुता प्रबंध करने होंगे। उन्होंने बादल की प्रंशसा करते हुए कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री ने इस संदर्भ में केन्द्र से बात की है और हरियाणा सरकार को भी उन्होंने केन्द्र से बात करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सदन को स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करने का प्रस्ताव पास कर केन्द्र सरकार को भेजना चाहिए। उन्होंने कहा कि सत्ता से पहले बेरोजगारों को 100 दिन का रोजगार तथा 12वीं पास बेराजगार को 6000 रूपए तथा स्नातक को 9000 रूपए भत्ता देने का वायदा किया था, लेकिन अभी तक इस विषय में कुछ नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को अपने जवाब में इस वायदे पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए अभय चौटाला ने कहा कि हुड्डा सरकार में कानून व्यवस्था फेल थी और अब भी यही स्थिति बनी हुई है। उन्होंने बलात्कार की कई घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अभी भी अधिकारियों की मनमर्जी चल रही है। गोहाना की एक घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि गैंग रेप की घटना में अन्य आरोपियों को बाहर निकालते हुए एक आरोपी पर ही सारा मामला डाल दिया। उन्होंने रंघावा गांव में एक डाक्टर द्वारा एक नर्स के साथ छेडाखानी का जिक्र करते हुए कहा 2 बार एफ.आई.आर. होने के बाद भी आरोपी के खिलाफ कारवाई नहीं हुई, ऐसे में सरकार के बेटी पढाओ बेटी बचाओ अभियान का कोई औचित्य नहीं है।

उन्होंने बिजली व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ तो मुख्यमंत्री कह रहे है जो गांव पूरे बिल भरेगा, वहां 24 घंटे बिजली दी जाएगी, लेकिन उनके क्षेत्र के गांवों का एक बिल भी पैंडिंग नहीं है, फिर भी चंद घंटे बिजली मिल पाती है। उन्होंने कहा कि 2 बल्बों वाले घरों में भी 3000 रूपए का बिल आया है जबकि लोगों का एक भी बिल पैडिंग नहीं था। उन्होंने इस मामले की जांच करवाने की मांग की।

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