एस.वाई.एल. मुद़े पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि वर्षों से लंबित इस मामले का सुलझाने का इससे उपयुक्त समय नहीं हो सकता क्योंकि केन्द्र व राज्य में भाजपा की सरकार है। ऐसे में हरियाणा सरकार अगर एस.वाई.एल. का अधूरा निर्माण पूरा करवाने के लिए केन्द्र को प्रस्ताव पारित करके भेजती है तो इनैलो बिना शर्त उसका समर्थन करेगी। स्वामीनाथन रिपोर्ट पर भाजपा सरकार को कटघरे में खडा करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा के घोषणा पत्र में स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करने का वायदा किया गया था, ऐसे में किसानों की इस रिपोर्ट को लागू करने की मांग जायज है।
उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र दिया है कि इस स्वामी नाथन रिपोर्ट को लागू नहीं किया जा सकता जबकि अब प्रदेश के कृषि मंत्री कह रहे के फसलों पर 30 प्रतिशत लाभ देने के लिए केन्द्र को प्रस्ताव भेजा है, यह तो लोगों के साथ वायदाखिलाफी है । उन्होंने कहा कि शांता कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार एफ.सी.आई. गेहूं खरीद नहीं करेगी, ऐसे मेें सरकार को पुता प्रबंध करने होंगे। उन्होंने बादल की प्रंशसा करते हुए कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री ने इस संदर्भ में केन्द्र से बात की है और हरियाणा सरकार को भी उन्होंने केन्द्र से बात करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सदन को स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करने का प्रस्ताव पास कर केन्द्र सरकार को भेजना चाहिए। उन्होंने कहा कि सत्ता से पहले बेरोजगारों को 100 दिन का रोजगार तथा 12वीं पास बेराजगार को 6000 रूपए तथा स्नातक को 9000 रूपए भत्ता देने का वायदा किया था, लेकिन अभी तक इस विषय में कुछ नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को अपने जवाब में इस वायदे पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।