
(चंडीगढ): दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविन्द केजरीवाल ने पंजाब में पार्टी के नेता सुखपाल खैहरा द्वारा नेता प्रतिपक्ष के पद से हटाए जाने के बाद की गई बगावत पर गुरूवार को यहां कहा कि उनकी राजनीति सुखपाल खैहरा पर केन्द्रित नहीं है। उन्होंने कहा कि पंजाब के इस मामले में समय आने पर कार्रवाई भी की जाएगी।
पंजाब में बगावत के बाद दो गुट बन जाने के सम्बन्ध में उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी एक परिवार की तरह है। पंजाब में जो भी मसले हैं वो मिलकर ही हल किए जाएंगे। पंजाब के नेता प्रतिपक्ष के पद से सुखपाल खैहरा को हटाए जाने के बाद खैहरा समेत आठ विधायकों ने मोर्चा खोलते हुए पार्टी की प्रदेश इकाई को स्वायत्तता देने की मांग शुरू कर दी है। इस सिलसिले में सुखपाल खैहरा गुट ने भटिंडा में सम्मेलन का आयोजन कर समानान्तर संगठन खडा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। इस बीच केजरीवाल के नेतृृत्व में विश्वास व्यक्त करते हुए 13 विधायक और पार्टी नेता एकजुट बने रहे। पंजाब में आम आदमी पार्टी के दो गुट सक्रिय है। पार्टी के दोनों गुटों को एक करने के साथ ही पूर्व में अलग हुए नेताओं को फिर से जोडने के लिए एक पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया और वार्ता की गई लेकिन सुलह नहीं हुई।
सुखपाल खैहरा गुट ने भटिंडा प्रस्तावों के अनुसार पार्टी की पंजाब इकाई को स्वायत्तता देने की मांग मंजूर करने के लिए आठ नवम्बर तक का समय दिया है। इसी बीच केजरीवाल गुट ने लोकसभा चुनाव के लिए पांच प्रत्याशी घोषित कर दिए है। इस पर खुखपाल खैहरा गुट ने आपत्ति दर्ज करवाई है।
Published on:
02 Nov 2018 03:48 pm
बड़ी खबरें
View Allचंडीगढ़ पंजाब
पंजाब
ट्रेंडिंग
Punjab Election: चरणजीत सिंह चन्नी की जगह अमरिंदर सिंह वडिंग पर हाईकमान का क्यों है भरोसा, जानें वजह

