
captain amarinder singh and Dinesh kumar
डॉ. भानु प्रताप सिंह
चंडीगढ़। भारतीय जनता पार्टी पंजाब के संगठन महामंत्री दिनेश कुमार का कहना है कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह सबसे बड़े जुमलेबाज हैं। उन्होंने कोरोनावायरस के नाम पर पंजाब को बहुत पीछे धकेल दिया है। पंजाब की जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। इसका खामियाजा कांग्रेस को 2022 में चुकता करना पड़ेगा। कांग्रेस को सत्ता से बाहर जाना होगा। पंजाब की जनता चुनाव का इंतजार कर रही है।
किसानों की आय दोगुनी करने में कैप्टन का रोड़ा
असल में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने केन्द्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा घोषित कृषि पैकेज को जुमलों की गठरी कहा था। इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के संगठन महामंत्री दिनेश कुमार ने कहा कि केन्द्र की सहायता से ही प्रदेश सरकार चल रही है। वो तो अच्छा है कि केन्द्र सरकार किसान सम्मान निधि का पैसा सीधे किसानों के खाते में भेज रही है, अन्यथा कैप्टन सरकार खुद खा जाती। कैप्टन को अगर किसानों की चिन्ता है तो कृषि पैकेज के आधार पर कार्य करें ताकि किसान खुशहाल हो सके। केन्द्र सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करना चाहती है, लेकिन पंजाब की कांग्रेस सरकार इसमें रोड़े अटका रही है।
गेहूं खरीद में राजनीति
उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने किसानों और खेती के लिए पैकेज की घोषणा की तो मुख्यमंत्री को किसानों की याद आई है। कौन नहीं जानता है कि गेहूं खरीद में भी राजनीति हो रही है। सरकार ने कांग्रेस से जुड़े किसानों को ही मंडी के पास बनाकर दिए। पंजाब का किसान मारा-मारा फिर रहा है।
केन्द्र का राशन दुकानों पर बेच दिया
एक सवाल के जवाब में दिनेश कुमार ने कहा- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पंजाब के ढाई करोड़ लोगों में से 1.42 करोड़ लोगों के लिए राशन अप्रैल में पंजाब सरकार को दे दिया था। पंजाब सरकार ने इसका वितरण नहीं किया। इसके विरोध में भाजपा को एक दिन उपवास रखना पडा, तब बांटना शुरू किया। इसके बाद भी सिर्फ एक फीसदी राशन वितरित हुआ है। सरकार ने राशन अपने मंत्रियों, विधायकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बांटने के लिए दे दिया। इसका परिणाम यह हुआ कि अमृतसर और लुधियाना में कांग्रेस पार्षदों ने राशन दुकानों पर बेच दिया।
सिख श्रद्धालुओं के नाम पर राजनीति
उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में आई विपत्ति से निपटने में कांग्रेस सरकार की भूमिका नगण्य है। हाल यह है कि पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री घर में बैठे रहे। घर पर बोर्ड लगा दिया कि मिलने का समय नहीं है। सरकार ने समय रहते एकांतवास केन्द्रों की व्यवस्था नहीं की। स्वास्थ्य व्यस्था ध्वस्त थी। नांदेड़ साहिब से आए सिख श्रद्धालुओं को बिना जांच के ही घर जाने दिया। बाद में शोर मचा तो घर से बुलाकर जांच की। कोरोनावायरस निकला तो उन्हें कैदी की तरह रखा गया। अमृतसर में सिख श्रद्धालुओं ने प्रदर्शन किया तो उन्हें मुक्त किया। सिख श्रद्धालुओं के नाम पर राजनीति शुरू कर दी। नियमानुसार पहले जांच के बाद एकांतवास में रखते, फिर घर जाने देते। इससे पता चलता है कि पंजाब सरकार खुद ही करोनावायरस के मरीज पैदा कर रही है। स्वास्थ्य विभाग तो पूरी तरह फेल हो गया है।
कारखाने शुरू करने के स्थान पर शराब की चिन्ता
दिनेश कुमार ने कहा कि यह कितना हास्यास्पद बात है कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने पंजाब के कारखाने शुरू कराने के स्थान पर शराब की दुकानें खुलवाने की अनुमति केन्द्र सरकार से मांगी। यहां तक कि घर-घर शराब की डिलीवरी कराने की योजना बना डाली। जब उनके घर में ही विरोध शुरू हो गया तो रुक गए। अगर सरकार समय रहते कारखाने शुरू कर देती तो लाखों प्रवासी श्रमिक अपने घर न लौट रहे होते। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने श्रमिकों और अन्य जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराया, सरकार तो सिर्फ देखती रही है। प्रवासी मजदूरों को ट्रेन से भेजने की व्यवस्था केन्द्र सरकार ने की और कांग्रेस विधायक राजा वडिग ने पर्चे बांटे कि सोनिया गांधी किराया दे रही हैं। बठिंडा रेलवे स्टेशन पर यह शर्मनाक हरकत की गई। आरपीएफ ने उनका बैनर फाड़ा और रिपोर्ट दर्ज की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को इसका खामियाजा भुगतना होगा।
Updated on:
16 May 2020 02:36 pm
Published on:
16 May 2020 02:17 pm
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