
Captain amarinder singh
चंडीगढ़। कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की तरफ से लोगों को कोरोनावायरस के खतरे से न घबराने की अपील करते हुए कहा कि सभी ज़रूरी सावधानियां बरतें। इसके साथ ही लोगों को भीड़ वाले स्थानों और सामूहिक जलसों से संकोच करने की भी अपील की गई। सरकारी डाक्टरों और पैरा -मैडीकल स्टाफ की सेवाओं में 30 सितम्बर तक वृद्धि कर दी गई है। विवाह समारोह में 50 से अधिक व्यक्तियों का जलसा न करने की की अपील की गई।
सेवाएं विस्तारित
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मंत्रिमंडल ने कोविड -19 के प्रकोप के साथ निपटने के लिए राज्य की तैयारियों और स्थिति का जायज़ा लिया। कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा स्थानीय निकाय मंत्री ब्रह्म मोहिन्द्रा की अध्यक्षता में बनाए गये 7 सदस्यीय मंत्री समूह (जीओएम) की रिपोर्ट का भी जायज़ा लिया गया। मंत्री समूह में ओम प्रकाश सोनी, तृप्त राजिन्दर सिंह बाजवा, रजिया सुल्ताना, बलबीर सिंह सिद्धू, विजय इंद्र सिंगला और भारत भूषण आशु शामिल हैं। मीटिंग में पास किये गए एक प्रस्ताव सम्बन्धी मंत्रिमंडल ने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग में पंजाब सरकार के साथ काम कर रहे डाक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ की सेवाएं 30 सितम्बर, 2020 तक बढ़ाने के मुख्यमंत्री के फ़ैसले को मंज़ूरी दे दी है।
सावधानी बरतें लोग
हालाँकि, पंजाब में अब तक कोरोनावायरस का एक मामला सामने आया है परन्तु इस बीमारी, जिसको विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने एक विश्वव्यापी महामारी घोषित किया है, के फैलाव को रोकने के लिए राज्य सरकार की तरफ से हर यत्न किया जायेगा। पंजाब सरकार के सभी विभागों के यत्नों की सराहना करते हुये मंत्रिमंडल ने लोगों को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की तरफ से समय -समय दी जा रही सलाह अनुसार पूरी तरह तैयार रहने और सभी सावधानियां बरतने की अपील की।
जि़ले के कंट्रोल रूम के साथ संपर्क करें
मंत्रिमंडल ने अपने प्रस्ताव के द्वारा लोगों को भीड़ वाले स्थानों और सामूहिक जलसों में न जाने, हाथ और साँस वाले अंगों की सफ़ाई बनाई रखने और अपने आसपास की सफ़ाई को यकीनी बनाने की अपील की। एक सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि लोगों को साबुन और पानी या हैड सैनीटाइजर के साथ बार -बार अपने हाथ धोने की सलाह दी जाती है और उनको अपने चेहरे को हाथ लगाने से परहेज़ करना चाहिए। प्रस्ताव में कहा गया है कि जिन लोगों को खाँसी, छींक और बुख़ार है, उनको तुरंत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की 104 -मेडिकल हेल्पलाइन या अपने सम्बन्धित जि़ले के कंट्रोल रूम के साथ संपर्क करना चाहिए।
विवाह रस्मों को मुल्तवी करने की अपील
मीटिंग में विचार-विमर्श के बाद मंत्रिमंडल ने लोगों को विवाह की रस्मों को मुलतवी करने या विवाह में 50 से अधिक व्यक्ति इकठ्ठा न करने की अपील की। धार्मिक नेताओं और डेरा मुखियों को अपने धार्मिक समागमों को सीमित करने और अपने अनुयायियों को कोरोनावायरस के खतरे के प्रति जागरूक करने की अपील भी की गई। मंत्रिमंडल की मीटिंग के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को कहा कि वह प्रशासनिक और सिविल अधिकारियों के सहयोग के साथ स्थिति का नजदीकी से जायज़ा लेने और अपने सम्बन्धित जिलों में रोकथाम उपायों के लागू करने को यकीनी बनाएं। उन्होंने समूह मंत्रियों से अपील की कि वह अपने जिलों में इस स्थिति के बारे में स्पष्टता बनाये रखें और लोगों में विश्वास बढ़ाने के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ बाकायदा मीटिंगें करें।
जिला अस्पतालों में वेंटीलेटर
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने स्वास्थ्य विभाग को इमरजेंसी स्थिति से निपटने के लिए सभी जि़ला अस्पतालों में वैंटीलेटरों की उपलब्धता को यकीनी बनाने की हिदायत की। उन्होंने प्राइवेट और सरकारी बसों में वाहनों की सफ़ाई और सवारियों की सुरक्षा को यकीनी बनाने के लिए बसों में सवारियों के प्रयोग के लिए हैड सैनीटाईजऱ रखने के आदेश भी दिए। जि़क्रयोग्य है कि राज्य में सभी सरकारी और निजी स्कूल पहले ही 31 मार्च तक बंद कर दिए गए हैं। हालाँकि, मेडिकल कॉलेजों (सीनियर विद्यार्थियों के लिए) को खुला रखा गया है जिससे इमरजेंसी में इनकी सहायता ली जा सके।
शॉपिंग मॉल बंद करने पर विचार
मंत्रिमंडल ने फ़ैसला किया कि एम.बी.बी.एस. के विद्यार्थियों, जिनको नौकरी नहीं मिली, के साथ संपर्क किया जाये और विभाग की तरफ से उनको स्वैच्छिक के आधार पर तैयार रहने के लिए कहा जाये। प्रवक्ता ने बताया कि 14 मार्च से अगले हुक्मों तक राज्य के सभी सिनेमाघरों, जिम और स्विमिंग पुल बंद करने के लिए भी निर्देश जारी किये गए हैं। खेल, सम्मेलन, संस्कृतिक समागमों, मेले और प्रदर्शनियों, विवाह समागम समेत सभी बड़े जलसों पर भी अगले आदेशों तक पाबंदी लगाई गई है। प्रवक्ता ने आगे बताया कि मंत्रिमंडल ने शॉपिंग माल और मैरिज पैलेसों को बंद करने का फ़ैसला मंत्रीसमूह को दे दिया है। मीटिंग के दौरान अवगत करवाया गया कि 19 से 26 मार्च तक डिप्टी कमिशनर सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों, जिनको इस मंतव्य के लिए प्रशिक्षण दिया गया है, के साथ मिल कर घर -घर जाकर जागरूकता मुहिम चलाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। जिलों के समूह विभागों के सभी स्टाफ का प्रशिक्षण 18 मार्च, 2020 तक पूरी हो जायेगा।
Published on:
16 Mar 2020 08:05 pm
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