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अकाली दल को घेरने के लिए रणजीत सिंह कमीशन की रिपोर्ट पर बहस का होगा सीधा प्रसारण

अकाली दल के नेताओं ने विधानसभा में रिपोर्ट पेश किए जाने और उस पर बहस होने से पहले ही कमीशन के अध्यक्ष रिटायर्ड जस्टिस रणजीत सिंह को बुकी बताते हुए घेरना शुरू कर दिया था...

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(चंडीगढ): पंजाब की कांग्रेस सरकार आगामी लोकसभा चुनाव में एनडीए के सदस्य और प्रदेश में अपने प्रतिद्वंद्वी अकाली दल को घेरने की रणनीति के तहत आगामी सोमवार को विधानसभा में पेश की जाने वाली रणजीत सिंह कमीशन की रिपोर्ट पर बहस का सीधा प्रसारण करवाएगी। बहस के सीधे प्रसारण से सरकार आम लोगों तक कमीशन की रिपोर्ट में अकाली दल के विरूद्ध आए तथ्यों को पहुंचाना चाहती है।


हालांकि अकाली दल के नेताओं ने विधानसभा में रिपोर्ट पेश किए जाने और उस पर बहस होने से पहले ही कमीशन के अध्यक्ष रिटायर्ड जस्टिस रणजीत सिंह को बुकी बताते हुए घेरना शुरू कर दिया था। अकाली दल नेता कमीशन को अपनी गवाही दर्ज कराने वाले एक गवाह हिम्मत सिंह के बयान को मुद्दा बनाकर कमीशन की विश्वसनीयता पर सवाल खडे कर रहे है। हिम्मत सिंह ने अपने बयान में कहा है कि जस्टिस रणजीत सिंह और जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने दवाब डालकर उनसे बयान दर्ज करवाया।


रणजीत सिंह कमीशन की रिपोर्ट विधानसभा में पेश किए जाने से पहले ही लीक भी हो गई। रिपोर्ट लीक होने पर मुख्य विपक्षी दल आम आदमी पार्टी ने केप्टेन अमरिंदर सिंह सरकार को घेरा है और आरोप लगाया है कि कैप्टेन अमरिंदर सिंह की अकाली दल के नेता पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और उनके पुत्र सुखवीर बादल के साथ सांठगांठ होने के कारण बचने का मौका देने के लिए रिपोर्ट को जानबूझकर लीक किया गया है। कमीशन की रिपोर्ट पर आम आदमी पार्टी भी अकाली दल को घेरना चाहती है।

पंजाब में अकाली दल के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के दौरान अक्टूबर 2015 में गुरूग्रंथ साहिब के अपमान की घटनाएं हुई थीं। इन घटनाओं के विरोध में फरीदकोट जिले के बेहबल कलां और कोटकपुरा में शातिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करते सिखों पर पुलिस फायरिंग की गई थी। पुलिस फायरिंग में दो सिख मारे गए थे और कुछ अन्य घायल हुए थे। पिछले वर्ष 2017 में सत्ता में आते ही कांग्रेस सरकार ने इन घटनाओं की जांच के लिए रणजीत सिंह कमीशन का गठन किया था। कमीशन ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी थी। इसके बाद रिपोर्ट के कुछ अंश लीक हो गए। रिपोर्ट में गुरूग्रंथ साहिब के अपमान और विरोध प्रदर्शन करते सिखों पर पुलिस फायरिंग को लेकर पूर्व अकाली दल सरकार पर अंगुली उठाई गई हैं।

पंजाब के एक केबिनेट मंत्री ने इस बात की पुष्टि की है कि रणजीत सिंह कमीशन की रिपोर्ट पर विधानसभा में बहस के सीधे प्रसारण की अनुमति एक दिन के लिए दी जाएगी। इस बारे में स्पीकर को अवगत कराया गया है और जरूरी औपचारिकताएं सोमवार को पूरी की जाएंगी। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि क्या विधानसभा में बहस के सीधे प्रसारण के लिए निजी चैनलों को भी अनुमति दी जाएगी अथवा दूरदर्शन के जरिए लिंक दिलाए जाएंगे। विधानसभा में रणजीत सिंह कमीशन की रिपोर्ट सोमवार को पेश की जाएगी।

मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित कांग्रेस विधायक दल की बैठक में गुरूवार को ही फैसला किया गया था कि अकालियों के खिलाफ कांग्रेस के तेजतर्रार नेताओं को उतारा जाए। आम आदमी पार्टी के नेता सुखपाल खैहरा,कंवर संधू और एचएस फूलका रणजीत सिंह कमीशन की रिपोर्ट के महत्व के मद्देनजर विधानसभा में इस पर होने वाली बहस का सीधा प्रसारण करने की मांग कर चुके है। उधर अकाली दल नेता सुखवीर बादल ने कहा है कि वे विधानसभा में होने वाली बहस के सीधे प्रसारण के दौरान सरकार,सत्तारूढ दल और रणजीत सिंह कमीशन का पर्दाफाश करेंगे।