
IAS pradeep kasni
चंडीगढ़। हरियाणा में तबादलों के चर्चित आई.ए.एस. अधिकारी प्रदीप कासनी का फिर से तबादला हो गया। कासनी को जिस विभाग से बदला गया है वहां वह करीब एक माह तक रहे। इस बीच विभाग के कर्मचारियों ने कासनी के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ था।
प्रदीप कासनी की करीब 32 वर्ष की नौकरी में यह उनका 68 वां तबादला है। हालांकि यह पहला मौका नहीं है जब कासनी को तबादले का दंश झेलना पड़ा है। प्रदीप कासनी की गिनती हरियाणा के उन आई.ए.एस. अफसरों में होती है जिन्हें अपने सिद्धांतों के लिए मशहूर माना जाता है। प्रदेश की लगभग सभी सरकारों में प्रदीप कासनी को तबादले झेलने पड़े हैं।
सितंबर माह के दौरान हरियाणा सरकार ने आई.ए.एस. अधिकारियों की तबादला सूची जारी करते समय कासनी को साइंस एंड टैक्नोलोजी विभाग से बदलकर वित्त विभाग में नियुक्त किया गया था। इस विभाग में नियुक्ति के महज 48 घंटे बाद प्रदीप कासनी को फिर से बदल दिया गया।
कासनी को वित्त विभाग से बदलकर दलित एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। इस विभाग में रहते हुए कासनी अपने मताहत कर्मचारियों के साथ तालमेल नहीं बिठा पाए। कासनी जितने दिन इस विभाग में रहे उतने ही दिन कर्मचारियों ने उनके खिलाफ धरना प्रदर्शन जारी रखा। जिसके चलते आज हरियाणा सरकार ने उनका तबादला हरियाणा भूमि सुधार निगम में बतौर महानिदेशक कर दिया है।
हरियाणा सरकार द्वारा जारी की गई तबादला सूची में प्रदीप कासनी के बाद सबसे अहम नाम आई.ए.एस. रजनी शेखरी सिब्बल का है। हरियाणा सरकार ने उन्हें विशेष रूप से दिल्ली से हरियाणा बुलाया था। पिछले महीनों से यह चर्चा थी कि रजनी शेखरी को सीएमओ में अहम जिम्मेदारी मिल सकती है लेकिन आज जारी हुई सूची में उन्हें फिर से दिल्ली में भेज दिया गया है। अब वह हरियाणा मिनर्लस विभाग में बतौर चेयरमैन अपनी सेवाएं देंगी।
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