22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जाट समुदाय के लोगो ने इस्लाम कबूल करने का किया फैसला

पुलिस से मांगी धर्म परिवर्तन के वक्त सुरक्षा, छारा गांव की चौधरियों वाली चौपाल में कल होगी बैठक, 27 मार्च को होगा धर्मपरिवर्तन

2 min read
Google source verification

image

Yuvraj Singh Jadon

Mar 22, 2016

Haryana Jat Agitation Ended

Haryana Jat Agitation Ended

झज्जर। जाट आरक्षण आंदोलन के बाद एक नया मोड़ सामने आया है। आंदोलन के बाद अब झज्जर के छारा गांव में 200 से ढाई सौ परिवार हिन्दु से ईस्लाम में धर्म परिवर्तन करने वाले हैं। गुस्सा पुलिस और प्रशासन को लेकर है। जाट आन्दोलन में शांतिपूर्ण धरने पर बैठे युवाओं को गलत मुकदमों में फंसाने और गिरफ्तार करने के आरोप है। 36 बिरादरियों के समाज में जाटों को अलग अलग करने का गुस्सा भी युवाओं में है। और यही वजह है कि छारा गांव में योगदानी आजाद सेवा सहयोग समीति से जुड़े सैंकड़ों युवाओं ने धर्म परिवर्तन करने की ठान ली है। इसके लिये गुडग़ांव के एक मौलवी से युवाओं ने 27 मार्च का समय भी ले लिया है। ईस्लाम से जुड़ी पुस्तकें भी इन युवाओं के पास पहुंच गई है।

योगदानी आजाद सेवा सहयोग समीति के संस्थापक मोहिन्दर का कहना है कि पुलिस और प्रशासन की ज्यादतियों के कारण ये फैसला लेना पड़ा है। उन्होनें कहा कि 7 से आठ गांवों के युवा अपने परिवार समेत धर्म परिवर्तन में शामिल होंगे। धर्म परिवर्तन से पहले बुधवार को गांव की चौपाल में सैंकड़ो युवा इकठ्ठे भी होंगे। उन्होनें बताया कि धर्म परिवर्तन करने वालों में ज्यादातर परिवार जाटों के होंगे लेकिन इससे अलग भी समिति से जुड़े दूसरी जातियों के युवाओं के परिवार भी धर्म परिवर्तन करेंगें। उन्होंने बताया कि जाट आरक्षण आन्दोलन में शांतिपूर्ण धरने पर बैठे युवाओं को धरने से उठाया गया और उन्हे गलत मुकदमों में फंसाकर गिरफ्तार कर रखा है।

गुस्साये युवाओं का कहना है कि पुलिस पशासन के साथ सरकार के प्रतिनिधियों से भी इस बारे में बातें हुई लेकिन आश्वासन के अलावा उन्हे कोई राहत नही मिली। उपर से समाज में जाटों को 35 बिरादरी के नाम पर अकेला कर दिया गया। इनका कहना है कि 36 बिरादरी के समाज में जाटों को 35 और एक में बांटा जा रहा है जबकि ईस्लाम धर्म में ऐसा नही होता।

युवाओं का कहना है कि वे ना केवल ईस्लाम धर्म स्वीकार कर उसका जोर-शोर से प्रचार भी करेंगे ताकि और युवा भी परिवार समेत ईस्लाम में आ सकें। योगदानी आजाद सेवा सहयोग समिती ने धर्म परिवर्तन के लिये 27 मार्च का समय तय किया है । गांव की चौधरियों वाली चौपाल में धर्म परिवर्तन किया जायेगा और इस कार्यक्रम में सुरक्षा की मांग को लेकर युवाओं ने पुलिस अधीक्षक को पत्र भी लिख दिया है। लेकिन पुलिस और प्रशासन की और से अब तक इन युवाओं से इस बाबत कोई सम्पर्क भी नही किया है।

ये भी पढ़ें

image