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(चंडीगढ): पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने बुधवार को यहां कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सर्व शिक्षा अभियान और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के शिक्षकों ही नहीं बल्कि करीब 42 हजार कर्मचारियों को नियमित करने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रही है।
यहां विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेने के बाद सदन के बाहर पत्रकारों से बातचीत में अमरिंदर सिंह ने कहा कि उन्हें शिक्षकों के साथ पूरी सहानुभूति है। यह कहना गलत है कि वे शिक्षकों से मिलना नहीं चाहते। सिर्फ एक बार स्वास्थ्य सम्बन्धी कारण से उन्होंने शिक्षकों के साथ मुलाकात स्थगित कर दी थी। उन्होंने कहा कि 42 हजार कर्मचारियों को प्रदेश में उपलब्ध वित्तीय संसाधनों के तहत नियमित करने का कोई रास्ता निकाला जाएगा।
सदन में विपक्ष द्वारा उठाए गए कानून-व्यवस्था के मुद्ये पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस मामले में बहस कराने को तैयार है। लुधियाना और अमृतसर में हुई गैंग रेप की घटनाओं पर अमरिंदर सिंह ने कहा कि ये कानून-व्यवस्था की समस्या है। लुधियाना गैंग रेप मामले में तीन अभियुक्त गिरफ्तार किए जा चुके है और तीन और जल्दी गिरफ्तार किए जाएंगे।
विपक्ष और खासकर अकाली दल द्वारा किसानों के मुद्दे उठाए जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इन्होंने अपने दस साल के शासन के दौरान कोई कदम नहीं उठाया जबकि उस दौरान 16 हजार किसानों ने आत्महत्या की थीं। उनकी सरकार ने पांच लाख से अधिक किसानों को अब तक 5500 करोड रूपए की कर्ज माफी दी है। रफाल मामले में कैग रिपोर्ट को लेकर अमरिंदर सिंह ने कहा कि अभी उन्होंने कैग रिपोर्ट नहीं देखी लेकिन सभी का वही रूख है जो कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का है।
Published on:
13 Feb 2019 05:41 pm
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