12 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अभी जवान हूँ, आगामी चुनाव भी ज़रूर लड़ूंगा, सिद्धू कांग्रेस का हिस्साः कैप्टन अमरिन्दर सिंह

सिद्धू की इच्छाओं पर विचार करेंगे, किसी से भी बातचीत के लिए आजाद पंजाब की दिल्ली से तुलना नहीं लेकिन बिजली अधिक अनुदान दे रहे

2 min read
Google source verification
captain amarinder singh

captain amarinder singh

चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह Punjab CM captain Amarinder singh ने सभी कयासों को एक तरफ़ करते हुए आज स्पष्ट किया कि वह राज्य के आगामी विधानसभा चुनाव Vidhan sabha chunav लाजि़मी तौर पर लड़ेंगे। अपनी सरकार के गठन की तीसरी वर्षगांठ three years government के मौके पर प्रेसवार्ता के दौरान एक सवाल का जवाब देते हुए हलके लहजे में मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं अभी भी पूरा जवान हूँ। क्या आप सोचते हो कि चुनाव लडऩे के लिए मैं बूढ़ा हो गया?’’

नवजोत सिंह सिद्धू के बारे में क्या कहा

पार्टी विधायक नवजोत सिंह सिद्धू की मौजूदा भूमिका और रुतबे संबंधी पूछे जाने पर कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि पूर्व मंत्री कांग्रेस पार्टी और टीम का हिस्सा हैं और किसी भी फ़ैसले पर हम उसकी इच्छाओं पर विचार करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह सिद्धू को उस समय से जानते हैं, जब वह दो वर्ष के थे और उनका सिद्धू के साथ कोई निजी मसला नहीं है।

मेरा अधिकार पंजाब तक

श्री सिद्धू द्वारा पंजाब से सम्बन्धित मसले प्रांतीय लीडरशिप के पास उठाने की बजाय पार्टी की केंद्रीय लीडरशिप के पास उठाने संबंधी सवाल के जवाब में कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि वह पार्टी में किसी से कोई भी मुद्दा विचारने का स्वागत करते हैं। मध्य प्रदेश में घटे राजनैतिक घटनाक्रम को उनका अंदरूनी मसला बताते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि इस मामले पर कांग्रेस की केंद्रीय लीडरशिप ही कोई टिप्पणी कर सकती है जबकि उनका अधिकार क्षेत्र पंजाब तक सीमित है।

बिजली पर दिल्ली से अधिक अनुदान

दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा दी जा रही बिजली सब्सिडी को अरविन्द केजरीवाल का नाटक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब और राष्ट्रीय राजधानी की कोई तुलना नहीं की जा सकती, क्योंकि वहाँ से सरकार को न तो किसानों पर खर्चा करना पड़ता है और न ही पुलिस पर। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने क्रास सब्सिडी के ज़रिये बिजली की घरेलू दरें घटा दीं जबकि पंजाब सरकार पहले ही दिल्ली की अपेक्षा अधिक बिजली सब्सिडी दे रही है।