
कचरा संग्रह में उपयोग होने वाले 17 अन्य वाहन भी जीपीएस टै्रकर से होंगे लैस
-निगम की योजना
कोयम्बत्तूर. सफाई कर्मियों की लापरवाही और मनमानी को पूरी तरह से रोकने के उद्देश्य से नगर निगम जल्द ही घर घर कूड़ा उठाने के लिए इस्तेमाल होने वाले 17 और हल्के वाणिज्यिक वाहनों में जीपीएस ट्रैकर लगाने की योजना बना रहा है। निगम उपायुक्त एम. शर्मिला ने इस बात की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ड्राइवरों द्वारा तय की गई दूरी को महीने के अंत मे जांचने के बजाय दिन प्रतिदिन के आधार पर चेक किया जाएगा। लॉगबुक में विवरण दर्ज करने से पहले ड्राइवरों को ट्रैकर में दिखाई गई दूरी से अवगत कराया जाएगा।
इसके अलावा प्रत्येक चालक द्वारा यात्रा किए गए मार्गों की दिन प्रतिदिन निगरानी की जाएगी और यदि वे स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा निर्दिष्ट मार्गों से विचलित होते हैं तो उन्हें सतर्क किया जाएगा, ताकि दूसरे दिन से वे निर्धारित रूटों पर काम जारी रखें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वाहन के लिए नए मार्ग आवंटित करने का काम पहले से ही चल रहा है। इसके माध्यम से डोर टू डोर संग्रह और अधिक प्रभावी बनेगा और खुले में डंपिंग पर पूरी तरह से रोक लगेगा।
-ईंधन की चोरी को रोकने का भी प्रयास
उन्होंने कहा कि वर्तमान में गलत मार्ग बता कर ईंधन चोरी का मामला भी सामने आता है। इसको रोकने के लिए निगम द्वारा उपयोग किए जाने वाले अन्य वाहनों की भी निगरानी की जा रही है। इस प्रकार की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। नियमित कचरा नहीं उठाने के मामले भी सामने आते रहते हैं। जीपीएस सिस्टम होने के बाद कर्मचारी किसी भी तरह से बचने की कोशिश नहीं कर पाएंगे। जीपीएस सिस्टम से रोजाना सभी के कार्यों का पता चलेगा। इससे अधिकारियों के साथ आम लोगों को भी काफी सहायता मिलेगी।
Published on:
21 Dec 2021 05:30 pm
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