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Chennai: मणिपुर के एक गांव की लडक़ी ने अंतिम पड़ाव किया पार, सेना में बनी अधिकारी

- नवतेश्वर सिंह ने पिता व देबाश्री ने पति को खोया, अब दोनों बने लेफ्टिनेंट

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Chennai: मणिपुर के एक गांव की लडक़ी ने अंतिम पड़ाव किया पार, सेना में बनी अधिकारी

Chennai: मणिपुर के एक गांव की लडक़ी ने अंतिम पड़ाव किया पार, सेना में बनी अधिकारी

चेन्नई.

चेन्नर्ई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकाडमी (ओटीए) में पासिंग आउट परेड 2023 का आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों ने देश सेवा के लिए 'अंतिम पग' को पार किया। शनिवार को संपन्न हुई पासिंग आउट परेड में सेना के इन नए अधिकारियों में 161 अधिकारी भारतीय सेना के लिए कमीशन हुए। इन सभी अधिकारियों के कंधे पर स्टार लगाकर लेफ्टिनेंट के रूप में सेना में कमीशन किया गया। एसएससी 116 और एसएससीडब्ल्यू 36 बैच के जेंटलमेन व लेडी कैडेट्स सहित मित्रवत अन्य देशों के चार जेंटलमैन कैडेट और 8 महिला कैडेट ने भी अपना प्रशिक्षण पूरा किया जिनमें भूटान 6 (महिलाएं), मालदीव 2 (पुरुष), तंजानिया 4 (2 महिलाएं और 2 पुरुष) कमीशन हुए है। देश के इन नए अधिकारियों के पासिंग परेड में उनके परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे।

एनोनी की यात्रा धैर्य व दृढ़ संकल्प से भरी

मणिपुर के एक छोटे से गांव की रहने वाली सीएच एनोनी ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (ओटीए) चेन्नई से पास होकर एक अधिकारी के रूप में भारतीय सेना में शामिल हो गई। सीनियर अंडर ऑफिसर सीएच एनोनी ओटीए चेन्नई से अच्छे अंकों के साथ पास हुई। भारतीय सेना अधिकारी बनने की उनकी यात्रा धैर्य और दृढ़ संकल्प से भरी रही है। सीएच एनोनी ने कहा कि एनसीसी में शामिल होना पहला कदम था जिसने उन्हें सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित किया।

देश की रक्षा करने को तैयार

ओटीए पासिंग आउट परेड में नवतेश्वर सिंह लेफ्टिनेंट बनकर देश की रक्षा करने को तैयार हैं। लेफ्टिनेंट नवतेश्वर सिंह ने महज तीन माह की उम्र में अपने पिता को खो दिया था। वे चाहते थे उनका बेटा आर्मी अफसर बने। आज बेटे ने वो मुकाम हासिल कर लिया, मगर पिता इस दुनिया में नहीं हैं। पासिंग आउट परेड के मौके पर लेफ्टिनेंट नवतेश्वर सिंह ने कहा कि आर्मी ज्वाइन करने का हर किसी का सपना होता है। इसके लिए कड़ी मेहनत की जरूरत है। आज बहुत उत्साहित और खुश हूं। सेना में आने का सपना देख रहे हर किसी के लिए यह सिर्फ पहला कदम है, जिसे आपको उठाने की जरूरत है और थोड़ी प्रेरणा आवश्यक है।

पति के सपने को पूरा कर दिखाया: देबाश्री

लेफ्टिनेंट देबाश्री बनर्जी उन 'वीर नारियों' में से एक, जो जनवरी 2022 में अरुणाचल प्रदेश के टेंगा में अपने पति मेजर सुब्रतो आधिकारी की मृत्यु के बाद भारतीय सेना में शामिल हुई है। लेफ्टिनेंट देबाश्री कहती हैं कि "मेरे लिए सेना में शामिल होने की मुख्य प्रेरणा यह है कि मेरे पति भारतीय सेना पर बहुत गर्व करते थे। वे हमेशा चाहते थे कि यदि अवसर मिले तो मैं आर्मी ज्वाइन कर देश की रक्षा करूं। उनके सपने को आज पूरा कर दिखाया है। उल्लेखनीय है कि पूर्वी लद्दाख स्थित गलवान घाटी में साल 2020 में चीनी सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़प में शहीद हुए नायक दीपक सिंह की पत्नी रेखा सिंह भी अप्रेल में लेफ्टिनेंट बनी थीं। उन्होंने कहा था कि पति की शहादत के बाद मैंने भारतीय सेना में शामिल होने का फैसला किया और इसकी तैयारी शुरू कर दी थी। आज मेरी ट्रेनिंग पूरी हो गई है और मैं लेफ्टिनेंट बन गई हूं।

बॉक्सतकनीकी योग्यता हासिल करें : मनोज पांडे

चेन्नई. थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज पांडे ने शनिवार को कहा कि युद्ध की तेजी से बदलती प्रवृत्तियों के अनुरूप अधिकारी कैडेटों को समसामयिक विकास से अवगत रहना और तकनीकी दक्षता का विकास करना चाहिए। वे यहां ओटीए में पासिंग आउट परेड को संबोधित कर रहे थे।

पांडे ने कहा, "विघटनकारी प्रौद्योगिकियों के तेजी से विकास और युद्ध के उपकरणों के नयेपन ने युद्ध के मैदान को अधिक जटिल और घातक बना दिया है। इस माहौल में आप अपनी कमान में पुरुषों और महिलाओं का नेतृत्व करेंगे। यहां प्राप्त प्रशिक्षण ने आपको मौजूदा युद्ध के मैदान में काम करने के लिए तैयार किया होगा और नेतृत्व की बुनियादी बारीकियों के गुर सिखाए होंगे लेकिन भूलें नहीं कि यात्रा अभी शुरू हुई है।"