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उम्र की परवाह नहीं, 90 की उम्र में भी सिखाती है तैराकी

-5 से 40 साल तक के लोग हैं विद्यार्थी    

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उम्र की परवाह नहीं, 90 की उम्र में भी सिखाती है तैराकी

उम्र की परवाह नहीं, 90 की उम्र में भी सिखाती है तैराकी


नामक्कल. कहते हैं कि उम्र तो सिर्फ नंबर होता है और इस 90 वर्षीय वृद्ध महिला ने इसे साबित भी कर दिया है। वृद्ध होने के बावजूद महिला लोगों को तैराकी सिखाती है। नामक्कल जिले के रासीपुरम के वेन्नंदूर गांव के तंगासालै निवासी पापा नामक महिला आसानी से एक गहरे कुएं, नदी या झील में तैरने के लिए गोता लगाती हैं और अपने सभी उम्र के छात्रों को कौशल सिखाती हैं। कुछ समय पहले तक अपने इस कार्य के लिए वे अपने गांव में प्रसिद्ध थी, लेकिन तैराकी कौशल का प्रदर्शन करने के बाद पूरे तमिलनाडु में लोकप्रिय हो गई। व्यापक मीडिया कवरेज के साथ लोकप्रियता हासिल करते हुए महिला के पास अब कई और नए छात्र आने लगे हैंं।


-पांच साल की उम्र से कर रही तैराकी
दिहाड़ी मजदूरी करने वाली वृद्ध महिला ने पांच साल के उम्र में अपने पिता से तैराकी सिखी थी। अपने पिता से सिखी कौशल से आज वे लोगों को कौशल प्रदान कर रही है। महिला ने बताया कि अधिक से अधिक लोगों को तैराकी सिखाना ही उनका लक्ष्य है। मैंने अपने पिता से कई तरह की तैराकी सिखी है। जब मेरे पिता धारा के पास कपड़े धोते थे तो मैं एक हाथ से उनकी कमीज पकड़ लेती थी और दूसरे हाथ से स्ट्रोक करती थी। हालांकि शुरू में इसे मैं एक शौख के तरीके से देखती थी, लेकिन बाद में यह मेरी आदत बन गई।


-परिवार के सभी सदस्य जानते हैं तैराकी
मैंने अपने बच्चों समेत परिवार के सभी सदस्यों को तैराकी सिखाया है। यह देखकर मेरे कई दोस्तों, परिचितों और गांव के अन्य लोगों ने भी कौशल सिखाने के लिए मुझसे संपर्क किया। तैरना मुझे प्रिय है इसलिए मैंने किसी को भी ना नहीं कहा। वर्तमान में मेरे पास 5 से लेकर 40 साल तक के विद्यार्थी हैं।


-उम्र है नंबर
अपनी मां के बारे में बात करते हुए महिला के बेटे ने बताया कि उम्र के बावजूद वे तैराकी के लिए सबसे आगे रहती हैं। वे फ्रीस्टाइल से हर तरह की तैराकी कर सकती हैं। वह वास्तव में लोगों के लिए एक प्रेरणा है और साबित कर रही हैं कि हौसला के आगे उम्र सिर्फ नंबर होता है। उनसे लोगों को सीख लेने की जरूरत है।