चेन्नई. विपक्षी नेता और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) के अंतरिम महासचिव एडपाडी के. पलनीस्वामी (ईपीएस) ने बजट पेश करने के दौरान पार्टी विधायकों के साथ वॉकआउट किया। वॉकआउट के बाद ईपीएस ने एआईएडीएमके के खिलाफ लगाए गए फर्जी मुकदमों का जिक्र करते हुए आवश्यक वस्तुओं और बिजली बिल में वृद्धि तथा संपत्ति कर में उछाल को लेकर स्टालिन सरकार की निंदा की।
विपक्ष के नेता ने यह भी कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था अच्छी नहीं है। डीएमके के सत्ता में आने के बाद तमिलनाडु का कर्ज बढ़ गया। उन्होंने कहा, कर्ज बढ़ गया है, लेकिन ऐसा नहीं लगता कि डीएमके द्वारा बताई गई कोई महत्वपूर्ण योजना लागू की गई है। डीएमके का चुनावी घोषणापत्र पूरी तरह से लागू नहीं हुआ है। तमिलनाडु के लोगों को उम्मीद थी कि इस बार इसे लागू किया जाएगा लेकिन धोखा दिया गया।
तमिलनाडु में प्रवासी श्रमिकों को उचित सुरक्षा देने को कहा
पलनीस्वामी ने इस तथ्य की निंदा की कि इस साल बोर्ड परीक्षाओं में बहुत बच्चे परीक्षा में अनुपस्थित थे। विपक्षी दलों ने भी अनुरोध किया है कि तमिलनाडु में प्रवासी श्रमिकों को उचित सुरक्षा दी जानी चाहिए। टैक्स पर बात करते हुए विपक्ष के नेता ने कहा, सभी टैक्स बढ़ा दिए गए हैं। लोग इसे एक उपहार के रूप में देख रहे हैं। डीएमके ने अपने घोषणा पत्र में लिखा था कि सभी महिला मुखियाओं को प्रति माह 1,000 रुपए दिए जाएंगे लेकिन अब वे कह रहे हैं कि केवल पात्र महिलाओं को दिए जाएंगे। वे जानना चाहते हैं कि पात्रता किस आधार पर तय की जाती है।