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राजस्थान मूल की चेन्नई प्रवासी आकांक्षा अग्रवाल ने लॉकडाउन में खोली ट्रैवल एजेंसी, अब हर महीने कमा रही 20 हजार रुपए

राजस्थान मूल की चेन्नई प्रवासी आकांक्षा अग्रवाल ने लॉकडाउन में खोली ट्रैवल एजेंसी, अब हर महीने कमा रही 20 हजार रुपए

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AKANSHA AGARWAL

AKANSHA AGARWAL

चेन्नई. मन में यदि कुछ करने की कूवत हो तो आपदा में भी अवसर ढूंढा जा सकता है। लगन, मेहनत एवं मजूबत इरादों के साथ यदि कोई काम शुरू किया जाता है तो सफलता भी निश्चत ही मिलती है। पिछले साल लॉकडाउन के दौरान राजस्थान मूल की चेन्नई प्रवासी आकांक्षा अग्रवाल ने ट्रैवल एजेंसी खोल ली। अब वे हर महीने 15 से 20 हजार रुपए घर बैठे कमा रही है।
आकांक्षा अग्रवाल कहती है, मेरी पढ़ाई-लिखाई चेन्नई में ही हुई। मैंने मद्रास विश्वविद्यालय से 2012 में एमबीए (एचआर) किया। इसके बाद से घर पर ही थी। पिछले साल जब कोरोना काल में लॉकडाउन लगा तो राजस्थान जाने के लिए कई लोग मुझसे पूछताछ करते थे। तब मन में ट्रैवल एजेंसी खोलने का आइडिया आया। फिर कुछ मित्रों से इस बारे में बात की और ट्रैवल एजेंसी का काम शुरु कर दिया। उस समय चेन्नई से जोधपुर के लिए चार्टर फ्लाइट शुरू हुई थी। मैंने उनके साथ टाइअप किया। मेरे पास जोधपुर एवं अहमदाबाद की टिकट बुकिंग के लिए ऑर्डर आने लगे। मेरी एमबीए की पढ़ाई यहां काम आई। घर पर ही लैपटॉप से हवाई टिकट बनाने का काम करने लगी। अब तो मुम्बई, दिल्ली, पटना समेत अन्य कई शहरों के लिए टिकट के ऑर्डर मिलने लगे हैं।
अब काम को दूंगी विस्तार
आकांक्षा कहती हैं. मेरा पीहर राजस्थान के बीकानेर और ससुराल सीकर में है। इसलिए राजस्थान के लोगों से मेरा अधिक संपर्क था। इसकी बदौलत भी मुझे चेन्नई से जोधपुर टिकट के लिए अधिक बुकिंग मिली। मैंने मेरे बेटे के नाम पर ही ट्रैवल एजेंसी का नाम भी लेविस टूर एंड ट्रैवल्स रखा। पति एवं घर के अन्य सदस्यों का भी पूरा सहयोग मिला। अब तो कई बिजनस ग्रुप से भी जुड़ चुकी हूं। इसका फायदा भी मिल रहा है। अब मैं अपने काम को और विस्तार देने के बारे में सोच रही हूं।
खुशी एवं मन लगाकर करें काम
वे कहती है, जब कोई अवसर मिलता है तो उसका भरपूर फायदा उठाएं। मैंने इससे पहले किसी तरह का जॉब या बिजनस नहीं किया था लेकिन जब लॉकडाउन के समय अवसर मिला तो इसे चुनौती के रूप में ले लिया और सफल भी रही। अब तो ट्रैवल्स की कई बारीकियां सीख चुकी हैं। हर दिन नए प्लान के साथ काम शुरू करती हूं। किसी भी कार्य को यदि खुशी एवं मन लगाकर करेंगे तो उसमें सफल होने की संभावनाएं कई गुणा बढ़ जाती है।