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मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है गुस्सा

आचार्य महाश्रमण ने कहा आवेश और गुस्सा आदमी की एक कमजोरी होती है।
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मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है गुस्सा

मदुरान्तकम. यहां स्थित हिन्दू हायर सेकंडरी स्कूल में विराजित आचार्य महाश्रमण ने कहा आवेश और गुस्सा आदमी की एक कमजोरी होती है। कुछ गलत होने पर आदमी को गुस्सा आ सकता है। उसके विचार अथवा इच्छा के खिलाफ यदि कोई कार्य गतिविधि या व्यवस्था होती है तो उसे गुस्सा आ जाता है। गुस्सा मनुष्य का शत्रु होता है। सभी को अपने आप को शांत बनाए रखने एवं व्यवहार को अच्छा बनाने का प्रयास करना चाहिए। शांति रूपी जल ही गुस्से रूपी अग्नि को शांत कर सकती है। इसलिए व्यक्ति अपने गुस्से को नियंत्रित करके खुद को शांत बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए। गुस्सा कहीं भी लाभदायक नहीं होता। चाहे वह घर हो, व्यापार हो, समाज हो-सब जगह गुस्सा हानि पहुंचाने वाला होता है। हमेशा गुस्से से बचने का प्रयास करना चाहिए। प्रवचन के पश्चात आचार्य ने लोगों को अहिंसा यात्रा का संकल्प भी स्वीकार कराया। उनके समक्ष उपस्थित तमिलवासियों ने मांसाहार का त्याग करने का संकल्प लिया। एस.एस. जैन संघ अध्यक्ष स्वरूपचंद लोढ़ा ने विचार व्यक्त किए। स्थानकवासी समाज से कवि मिठू मिठास ने कविता पाठ किया।

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