
चेन्नई. अण्णा विश्वविद्यालय को इन्स्टीट्यूट ऑफ एमिनेन्स (आईओई) स्टेटस मिलने की दिशा में प्रक्रिया तेज कर दी गई है। राज्य सरकार ने फिर से केन्द्र सरकार को पत्र लिखा है।
उच्च शिक्षा मंत्री के.पी. अन्बझगण ने यह जानकारी दी। अण्णा विश्वविद्यालय के 40वें दीक्षांत समारोह के मौके पर बताया कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने यह स्पष्ट किया कि आईओई स्टेटस मिलने के बाद ही मौजूदा आरक्षण का पालन किया जाएगा। इस बारे में राज्य ने केन्द्र को फिर से 25 नवम्बर को पत्र लिखा था। इस पर स्पष्टीकरण मांगा गया है कि क्या अण्णा विश्वविद्यालय को आईओई टैग मिलने के बाद ही अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एक्ट 1993 लागू होगा। इस एक्ट के तहत नियुक्ति एवं शिक्षण संस्थान में सीटों का आरक्षण दिया जाना है।
इससे पूर्व दीक्षांत समारोह में अण्णा विश्वविद्यालय के कुलपति एम.के. सुरप्पा ने कहा राज्य सरकार प्रतिबद्धता पत्र जारी करने का आग्रह करे ताकि विश्वविद्यालय को इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेन्स स्टेटस मिल सके। अण्णा विश्वविद्यालय को उन 10 सार्वजनिक संस्थानों में शामिल किया गया है जिनका आईओई स्टेटस देने के लिए चयन किया है। इसके तहत विश्वविद्यालय को पांच साल में एक हजार करोड़ की राशि दी जाएगी। दीक्षांत समारोह में 1180 पीएचडी धारकों, 71 रैंक होल्डर्स, बीई, बीटेक, बीआर्क को गोल्ड मेडल दिए गए।
पहले चरण में छह उच्च शिक्षा संस्थाओं को आईओई का दर्जा
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने पहले चरण में छह उच्च शिक्षा संस्थाओं को आईओई का दर्जा दिया था। इनमें आईआईटी-मुम्बई, आईआईटी-दिल्ली, आईआईएससी-बेंगलूरु, बिट्स पिलानी, मणिपाल अकादमी व जियो इन्स्टीट्यूट (ग्रीन फील्ड) शामिल थे। अब 14 और संस्थाओं को आईओई टैग दिए जाने हैं। इन 14 में 7 सार्वजनिक क्षेत्र के तथा 7 निजी संस्थान हैं। आईओई (उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा) के दर्जे के लिए सरकारी उच्च शिक्षा संस्थानों में आईआईटी-मद्रास, आईआईटी-खडग़पुर, दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू), हैदराबाद विश्वविद्यालय, बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, जाधवपुर विश्वविद्यालय एवं अण्णा विश्वविद्यालय शामिल हैं। इनमें से आईआईटी-मद्रास, आईआईटी-खडग़पुर, दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू), हैदराबाद विश्वविद्यालय, बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय को उत्कृष्ट संस्थान घोषित कर दिया गया है।
राज्य सरकारों से चर्चा
पहले बताया गया था कि जाधवपुर विश्वविद्यालय एवं अण्णा विश्वविद्यालय को आईओए घोषित करने से पहले मंत्रालय राज्य सरकारों से चर्चा करेगा। अगर राज्य सरकारें योजना के तहत संस्थानों के लिए प्रस्तावित एक हजार करोड़ रुपए में से आधी राशि देने को तैयार होती हैं तो इनको मंजूरी दे दी जाएगी।
पांच साल में एक हजार करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता
निजी उच्च शिक्षण संस्थानों में जामिया हमदर्द यूनिवर्सिटी दिल्ली, ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी, अमृत विश्व विद्यापीठम, वीआईटी वेलूर, केआईआईटी उड़ीसा, शिव नाडार विश्वविद्यालय और सत्य भारती (ग्रीन फील्ड) मोहाली शामिल हैं।
इस योजना के तहत सभी संस्थानों को पूर्ण स्वायत्तता दी जाती है। वहीं सरकारी संस्थानों को पांच साल में एक हजार करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता दी जाती है।
Published on:
04 Dec 2019 09:16 pm
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