
M.K. Stalin
DMK Slams Congress: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों ने राज्य की राजनीति को पूरी तरह बदल दिया है। किसी भी दल को बहुमत न मिलने के कारण हैंग असेंबली बन गई है। इस बीच द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) ने अपने लंबे समय के सहयोगी कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस द्वारा विजय के नेतृत्व वाली तमिलागा वेट्री कझगम (TVK) को समर्थन देने को डीएमके ने ‘धोखा’ और ‘पुरानी राजनीतिक चरित्र’ का प्रदर्शन बताया है।
गुरुवार को अन्ना अरिवलयम में डीएमके विधायक दल की अहम बैठक हुई, जिसमें मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन की अध्यक्षता में एक प्रस्ताव पारित किया गया। प्रस्ताव में कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए गए कि उसने सेकुलर प्रोग्रेसिव अलायंस (SPA) को छोड़कर TVK का साथ दिया है। डीएमके ने कहा कि कांग्रेस ने गठबंधन की मेहनत पर पानी फेर दिया और राज्य की स्थिरता को खतरे में डाला है।
डीएमके नेताओं ने याद दिलाया कि कांग्रेस को एक राज्यसभा सीट और पिछले कार्यकाल में 28 विधानसभा सीटें डीएमके की उदारता और धैर्य के कारण मिली थीं। फिर भी कांग्रेस ने नतीजों के कुछ ही दिनों बाद ‘वैकल्पिक मोर्चा’ बनाने की कोशिश की, जो अन्य राज्यों में भी उसकी रणनीति रही है।
चुनाव में अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी TVK ने 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया है। बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत है, यानी TVK को अभी 10 सीटों की कमी है। कांग्रेस ने TVK को अपना समर्थन दे दिया है। इसके अलावा पट्टाली मक्कल कट्ची (PMK) के पास 4, जबकि CPI, CPI(M) और VCK के पास 2-2 सीटें हैं। ये छोटी पार्टियां भी TVK के संपर्क में हैं। डीएमके को 59 सीटें मिली हैं, जबकि अन्नाद्रमुक (AIADMK) तीसरे स्थान पर 47 सीटों के साथ रही है।
डीएमके प्रस्ताव में कहा गया है कि तमिलनाडु दूसरे चुनाव के लिए तैयार नहीं है। राज्य को स्थिर सरकार की जरूरत है ताकि पिछले पांच वर्षों की कल्याणकारी योजनाएं और विकास कार्य बिना रुके जारी रहें। बैठक में स्टालिन को तत्काल राजनीतिक फैसले लेने के लिए पूर्ण अधिकार दे दिए गए। पार्टी ने ‘एंटी-द्रविड़ियन ताकतों’ को सत्ता में आने से रोकने का संकल्प लिया।
Published on:
07 May 2026 09:50 pm
बड़ी खबरें
View Allराष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
