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श्रीलंका में बम धमाकों की राजनीतिक दलों ने की निन्दा

श्रीलंका में रविवार को ईस्टर के मौके पर लक्जरी होटलों और चर्चो में हुए ८ आत्मघाती विस्फोटों में १५० से अधिक लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हो गए। तमिलनाडु ...

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Blasphemy by political parties in Sri Lanka

Blasphemy by political parties in Sri Lanka

चेन्नई।श्रीलंका में रविवार को ईस्टर के मौके पर लक्जरी होटलों और चर्चो में हुए ८ आत्मघाती विस्फोटों में १५० से अधिक लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हो गए। तमिलनाडु के राजनीतिक दलों ने इस आत्मघाती आतंकी हमले को कायराना बताते हुए कड़ी निन्दा की है।

सीएम ईके पलनीस्वामी व डिप्टी सीएम ओ. पन्नीरसेल्वम ने आतंकी हमले पर शोक जताते हुए कहा कि ईस्टर के मौके पर गिरिजाघरों में हुए धमाकों की खबर सुनकर वे अवाक रह गए। अधिकांश तमिल ईसाई जिस क्षेत्र में बसे हैं वहां ये धमाके हुए हैं जिनकी हम कड़ी निन्दा करते हैं। हमारा दिल इसलिए तड़प रहा है कि ईश स्तुति कर रहे लोगों पर हमला करने वाले कितने निर्दयी और संवेदनहीन हैं। इस हमले का शिकार सैकड़ों परिवारों को भगवान हिम्मत दे यही हमारी प्रार्थना है। हमारी कामना है कि हमले में घायलों का अच्छा उपचार हो वे जल्द ठीक हो जाएं।

डीएमके अध्यक्ष एम. के. स्टालिन ने वक्तव्य में कहा कि यह घटना मानवता के लिए सवाल खड़ा करती है। ईस्टर के मौके पर हुआ आतंकी हमला ईसाई समुदाय की भावनाओं को कुचलने की तरह है। श्रीलंका के तमिलभाषी क्षेत्रों में हुए इन धमाकों में सौ से अधिक लोगों की मौत हुई है और तीन सौ से ज्यादा घायल हैं। कोलम्बो के मडकलपीलूम में तमिलों की आबादी अधिक है लिहाजा सबसे ज्यादा तमिल प्रभावित हुए हैं। श्रीलंका में आए विदेशियों व अन्य निवासियों की भी इसमें मौत हुई है।

ईस्टर के मौके पर सोची-समझी साजिश के तहत की गई यह आतंकी कार्रवाई निन्दात्मक है। वहां जीविकोपार्जन के लिए बसे तमिल और भयभीत होंगे। ये धमाके धार्मिक अल्पसंख्यकों को डराने के इरादे से किए गए हैं। इस कृत्य के लिए जिम्मेदार लोगों की तत्काल पहचान और कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

डीएमके अध्यक्ष ने कहा कि न्यूजीलैंड से लेकर श्रीलंका तक विभिन्न देशों के तीर्थस्थलों में हुए ऐसे आतंकी हमले मानवीय सभ्यता और मानवता पर सवाल खड़े करते हैं। हमारी मांग है कि धमाके में प्रभावित तमिलों समेत सभी लोगों को इंसाफ मिलना चाहिए।

भारतीयों की सुरक्षित वापसी : रामदास

पीएमके संस्थापक डा. एस. रामदास ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि श्रीलंका में फंसे भारतीय तमिलों की सुरक्षित वापसी के त्वरित उपाय किए जाएं।
रामदास ने कहा कि श्रीलंका में हुई चौंका देने वाली आत्मघाती हमले की घटना में जान-माल का बड़ा नुकसान हुआ है। प्रेम व शांति के अग्रदूत ईसा मसीह के फिर से लौटने वाले पर्व ईस्टर के दिन हुई घटना अत्यंत वेदनीय है। कोलम्बो के जिन इलाकों में बम धमाके हुए हैं वहां बसे तमिलों समेत अन्य भारतीयों की सुरक्षित वापसी के केंद्र सरकार को तुरंत उपाय किए जाने चाहिए।

बेहद दुर्भाग्यपूर्ण : तमिलइसै

भाजपा की तमिलनाडु अध्यक्ष डा. तमिलइसै सौंदरराजन ने बम धमाकों पर अफसोस जताते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। चेन्नई एयरपोर्ट पर पत्रकारों से वार्ता में तमिलइसै ने कहा कि साम्प्रदायिक दंगे भडक़ाने की हिमाकत करने वाला चाहे कोई भी हो उनसे लोहा लेने की आवश्यकता है। मदुरै के स्ट्रांग रूम में जहां ईवीएम रखे थे वहां महिला तहसीलदार के अनधिकृत प्रवेश की जांच होनी चाहिए। विपक्षी दल ऐसा प्रचार कर रहे हैं जैसे उनको राज्य सरकार ने भेजा है। श्रीलंका में बम धमाके दुर्भाग्यपूर्ण है। वहां जल्द से जल्द शांति बहाल होनी चाहिए।