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स्वतंत्रता सेनानी कुट्टी मालू अम्मा पर लिखी पुस्तक का विमोचन

पुअर होम सोसाइटी में उनके योगदान को याद किया

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book written on freedom fighter Kutty Malu Amma released

स्वतंत्रता सेनानी कुट्टी मालू अम्मा पर लिखी पुस्तक का विमोचन

चेन्नई. केरल की रहनेवाली स्वतंत्रता सेनानी एवं मद्रास प्रेसिडेंसी में समाज के जरूरतमंदों की सेवा करने वाली कुट्टी मालू अम्मा पर लिखी पुस्तक अनादमंदिर स्नेहादनलिल का विमोचन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कालीकट में हुआ। इस पुस्तक में उस अनाथाश्रम में रहने वाले बच्चे जो आज बड़े पदों पर है ने अनुभव बांटे हैं। उनके पति के.माधव मेनन पूर्व मंत्री थे।

इस पुस्तक में सोसाइटी में रहने वालों ने कुट्टी मालू अम्मा के बारे में अनुभव बांटे। उनके योगदानों को याद किया। अम्मा 1937 से 1939 तथा 1942 से 1952 तक मद्रास प्रेसिडेंंसी की विधायक रही थी। उन्होंने पुअर होम सोसाइटी की स्थापना 1937 में की। इसके तहत होम फार डिस्एब्ल्ड तथा मेन एवं वुमेन लेप्रोसी होम कालीकट में कार्यरत हैं। उनके पोते शंकरन मेनन ने विमोचन कार्यक्रम में शिरकत की और पुस्तक की पहली प्रति प्राप्त की।

मेनन ने इस मौके पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए उनके योगदानों को याद किया। उन्होंने देश के विभाजन के बाद अनाथमंदिर, हरिजन कल्याण, वर्मा एवं पाकिस्तान के शरणार्थियों के लिए बड़ा काम किया था। उन्होंने 1932 में सविनय अवज्ञा आंदोलन में भाग लिया और 2 साल जेल में रही। 1941 में जेल जाने के बाद 1942 में भारत छोड़ों आंदोलन के दौरान 2 साल जेल में बिताया।

1962 में चीन के साथ युद्ध के दौरान कश्मीर में सैनिकों को सहायता सामग्री पहुंचाई। मेनन ने कहा कि वे अखिल भारतीय महिला सम्मेलन की भी अध्यक्ष रही। इस दौरान कई लोगों ने स्वतंत्रता सेनानी कुट्टी मालू अम्मा की जीवन यात्रा व संघर्षों को याद किया।
वे केपीसीसी की अध्यक्ष तथा एआईसीसी की भी सदस्य थी। प्राथमिक स्कूल तक की शिक्षा प्राप्त करने के बाद भी वे कई भाषाओं की जानकार थी। उन्होंने कई सभा एवं संस्थाओं के जुड़कर देश सेवा की थी।