चेन्नई.
हिंदू धर्म और धर्मार्थ मंत्री शेखरबाबू ने सोमवार को यहां साहुकारपेट स्थित अंगप्पन नायक्कन स्ट्रीट स्थित उर्दू मिडिल स्कूल में मुख्यमंत्री नाश्ता कार्यक्रम की शुरूआत की। इस मौके पर चेन्नई की महापौर आर. प्रिया और नगर निगमायुक्त डा. जे. राधाक्रष्णन भी मौजूद थे। इससे पहले मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शुक्रवार को सरकारी प्राथमिक विद्यालय के छात्रों के लिए नाश्ता योजना के विस्तार की शुरुआत की थी। इस योजना से राज्य के 17 लाख प्राथमिक विद्यालय के छात्रों को लाभ होने की उम्मीद है।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री शेखरबाबू ने स्कूली बच्चों को खाना परोसा। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्र बिना भूख के स्कूल आएं, कुपोषण को रोका जाए, एनीमिया को खत्म किया जाए, छात्रों की उपस्थिति बढ़ाई जाए और कामकाजी माताओं का काम का बोझ कम किया जाए। इसके माध्यम से तमिलनाडु को कई लाभ मिलने वाले हैं। डीएमके इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि शिक्षा के रास्ते में कोई भी कारण बाधा न बने। प्रारंभिक मुख्यमंत्री नाश्ता योजना के माध्यम से सभी कार्य दिवसों पर 1,545 सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा 1 से 5 तक पढऩे वाले 1.14 लाख छात्रों को लाभ हुआ। गौरतलब है कि तमिलनाडु में पहले से ही मध्याह्न भोजन योजना है।