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जंगली हाथी को शांत करने का अभियान टला

हवा की प्रतिकूल दशाएंएक साल में पांच जनों को मारा हाथी ने

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जंगली हाथी को शांत करने का अभियान टला

जंगली हाथी को शांत करने का अभियान टला

कृष्णगिरि. एक जंगली हाथी को काबू कर अन्यत्र विस्थापित करने के अभियान को शुक्रवार शाम उस वक्त स्थगित कर दिया गया जब हाथी नियंत्रण टीम ने हवा की दिशा को प्रतिकूल पाया।
सौ से अधिक वन कर्मचारी, चार पशु चिकित्सक और दो कुमकी (प्रशिक्षित हाथी) को इस अभियान में शामिल किया गया था जिनको जंगली हाथी 'क्रो बारÓ को काबू करना था। इस मदमस्त हाथी ने एक वर्ष के भीतर पांच लोगों को मारा है। इनमें से चार जने कृष्णगिरि के रहने वाले थे और हाल में ही क्रो बार ने कर्नाटक मूल के एक निवासी को मौत के घाट उतार दिया था।
जंगली हाथी को पकडऩे के मिशन की शुरुआत वन देवता की पूजा से शुरू हुई। यह पूजा हाथी नियंत्रण टीम के के. मणिवेल और ए. मणिकंठन के अलावा बरणी और मारीअप्पन कुमकी के महावतों ने की। इन प्रशिक्षित हाथियों को होसूर के निकट मोरनपल्ली ले जाया गया। वहां वन्यकर्मियों ने जंगली हाथी को एक अन्य हाथी के साथ पाया। ये दोनों हाथी दक्षिण पेन्नार नदी की ओर फसलों को रौंदते हुए बढऩे लगे।
पशु चिकित्सकों ए. प्रकाश, एन. एस. मनोहरण, कलैवानन और कर्नाटक के अरुण शाह ने जंगल में डार्टिंग गन के साथ प्रवेश किया। जंगली हाथी पर तीन राउंड के डार्ट फायर किए गए ताकि उसे इंजेक्शन लगाया जा सके लेकिन तेज हवाओं से इनका निशाना सटीक नहीं रहा।
फिर इस टीम ने जंगली हाथी का पीछा किया ताकि उसे दवा देकर अचेत किया जा सके। लेकिन यहां भी उनके एक से अधिक प्रयास विफल रहे। अंत में टीम ने अपने इस मिशन को अस्थाई तौर पर स्थगित कर दिया। टीम के अनुसार वे शनिवार को फिर से यह ऑपरेशन शुरू करेंगे।