
राजस्थान मूल के आइपीएस ओमप्रकाश मीणा ने चार महीने में सीख ली तमिल, कहा तमिलों ने बढ़ाया उत्साह
चेन्नई. राजस्थान के अलवर जिले के राजगढ़ तहसील के बाबेली गांव मूल के ओमप्रकाश मीणा तमिलनाडु स्पेशल बटालियन दिल्ली के कमांडेंट और वरिष्ठ आइपीएस अधिकारी हैं। राजस्थान मूल के मीणा को हजारों साल पुरानी तमिल भाषा, सभ्यता और संस्कृति से घुलने-मिलने में मात्र चार महीने का समय लगा। वर्तमान में उनके अधीन तिहाड़ जेल समेत दिल्ली की अन्य जेलों की सुरक्षा का जिम्मा है।
आरएएस से आइपीएस
ओमप्रकाश मीणा ने राजस्थान शासन में बतौर आरएएस सेवाएं दी हैं। वर्ष 2012 में यूपीएसी क्लीयर की और उनकी पहली पोस्टिंग मदुरै एएसपी के रूप में रही। फिर वे मदुरै, रामनाथपुरम, तिरुनेलवेली, नागपट्टिनम और रानीपेट के एसपी रहे। कुछ समय चेन्नई पुलिस में डीसीपी रहे। उनका कहना था कि तमिलनाडु काडर चयन रैंक, वैकेंसी और अन्य पहलुओं के आधार पर स्वाभाविक प्रक्रिया के तहत थी।
नई जगह रास आई
वे बताते हैं, "तमिलनाडु के लोग बड़े मिलनसार हैं। ड्यूटी जॉइन करने के तत्काल बाद मैंने हिन्दी और इंग्लिश की जगह तमिल का उपयोग शुरू कर दिया। स्थानीय लाेगों से भरपूर सहयोग मिला और उन्होंने इसका खुले दिल से इसका स्वागत किया। मात्र चार महीने में इस भाषा के जरिए यहां के लोगों से घुल-मिल गया।"
कोविड प्रबंधन और गुरु पूजा
तिरुनेलवेली एसपी के रूप में कोविड-19 लॉक डाउन की पहली लहर के वक्त किया गया कार्य जिसमें उत्तर भारतीयों के लिए भोजन, पानी और ट्रेन आदि की व्यवस्था शामिल थी अब तक की बड़ी उपलिब्धयों में से एक है। दूसरा रामनाथपुरम जिले के एसपी के रूप में दलित नेता ईमानुवेल शेखरन की पुण्यतिथि और पशुमपोन मुत्तुरामलिंग थेवर की गुरु पूजा का आयोजन कराना, बड़ी उपलिब्ध रही। तीन साल में ऐसे छह आयोजन हुए थे जो शांतिपूर्ण रहे। इन दोनों आयोजनों में हजारों लोग आते हैं।
Published on:
21 Apr 2023 06:48 pm
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