चेन्नई. कर्मचारी राज्य बीमा निगम (एसिक) चिकित्सा महाविद्यालय व अस्पताल के. के. नगर के डीन डा. चवण कालिदास दत्तात्रेय ने शुक्रवार को कहा कि हम एम्स के बराबर मानक स्थापित करेंगे और सुविधाएं विकसित करेंगे। वे यहां परिसर में राजभाषा पखवाड़ा समापन समारोह को बतौर अध्यक्ष संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा, भाषा जोडऩे का कार्य करती है। वे एक साल से चेन्नई में हैं और प्रतिदिन पांच शब्द तमिल के सीख रहे हैं। भाषा संवाद का माध्यम है जिससे समस्याओं और चुनौतियों का प्रभावी समाधान किया जा सकता है। उन्होंने दैनिक कामकाज में हिन्दी के अधिकाधिक प्रयोग पर जोर दिया।
मुख्य अतिथि राजस्थान पत्रिका चेन्नई संस्करण के प्रभारी संपादक पी. एस. विजयराघवन ने भाषा कौशल के महत्व का प्रतिपादन करते हुए कहा कि राजस्थान पत्रिका उत्तर और दक्षिण के बीच सामाजिक व सांस्कृतिक सेतु का कार्य कर रहा है। उन्होंने हिन्दी भाषा के जरिए मीडिया में उपलब्ध संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। प्रभारी राजभाषा उप निदेशक संजय कुमार ने सभी का स्वागत किया और कार्यक्रम का संचालन करते हुए कहा कि अगर भाषा जीविकोपार्जन से जुड़ जाती है तो उसका सतत विकास होता रहता है। मनीष कुमार ने अतिथियों का परिचय दिया। केंद्रीय गृह मंत्री और एसिक के महानिदेशक का संदेश क्रमश: चंदन कुमार और वी. गायत्री ने पढ़ा।
गायन प्रस्तुति और पुरस्कार
वी. गायत्री, एम. रम्या, राजारापु श्रीनू, बिट्टू कशेरी ने गीत पेश कर समां बांधा। इसके बाद अतिथियों ने पखवाड़े के दौरान आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस मौके पर डा. के. मीनाक्षी सुंदरम, डा. सीतालक्ष्मी, ए. सुंदर और करुप्पुसामी उपस्थित थे। पखवाड़ा समारोह आयोजन में अमन कुमार, विनोद कुमार एस. और अन्य का सहयोग रहा।