13 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अलग-अलग प्रवेश द्वार निंदनीय : पोन राधाकृष्णन

आईआईटी मद्रास मामला : विरोध के बाद हटा दरवाजा

less than 1 minute read
Google source verification
Different entrance door rebukable : Pon Radhakrishnan

अलग-अलग प्रवेश द्वार निंदनीय : पोन राधाकृष्णन

चेन्नई. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास में शाकाहारी और मांसाहारी विद्यार्थियों के लिए मैस में प्रवेश के लिए अलग-अलग द्वार बनाए जाने का मामला तूल पकडऩे के बाद इस व्यवस्था को तत्काल समाप्त कर दिया गया। इस विवाद के जरिए केंद्र सरकार पर निशाना साधा जा रहा है। वहीं, केंद्रीय मंत्री पोन राधाकृष्णन ने इस भेदभाव को आलोचनीय बताया है।

उल्लेखनीय है कि आईआईटी मद्रास में शाकाहार और मांसाहार का सेवन करने वाले विद्यार्थियों में भेद बरतते हुए मैस में प्रवेश के लिए दो दरवाजे बना दिए गए। परिसर में सक्रिय अम्बेडकर पेरियार सर्किल फोरम के विद्यार्थियों ने इस मसले को उठाया। मामला गर्माने के साथ राजनीतिक दलों ने भी इस पर कड़ी आपत्ति जताई।

इस विवाद पर देशभर से आई प्रतिक्रिया के बाद अलग-अलग दरवाजे हटा दिए गए। इस सिलसिले में छात्रावास सचिव ने विद्यार्थियों से माफी भी मांगी है। उन्होंने माफी मांगते हुए ई-मेल भी भेजा है कि मैस मैनेजमेंट कमेटी ने इसके लिए कैटरर को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। अलग मार्ग इसलिए बनाया गया था कि छात्रों को काउंटर तक पहुंचने में आसानी हो।

नागरकोईल में संवाददाताओं से वार्ता में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पोन राधाकृष्णन ने कहा कि आईआईटी मद्रास में मांसाहार और शाकाहारी छात्रों के लिए दो दरवाजे बनाने और हाथ धोने की भी अलग-अलग जगह बनाना पूरी तरह गलत है। यह आलोचनीय है। प्रशासन अपनी गलती सुधारे।

एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में भाजपा को किसी भी पार्टी से कोई परेशानी नहीं है। कन्याकुमारी जिले में फोरलेन मामले में घोटाले की आशंका जताई जाना हास्यास्पद है। पांच राज्यों में चुनाव के बाद पेट्रोल के दाम बढ़ाए जाने में केंद्र सरकार की कोई भूमिका नहीं है।