वे तमिलनाडु की पहली महिला रैफरी होंगी जिनका चुनाव फीफा द्वारा किया गया है। 26 वर्षीया रूपा ने कहा कि दिंडीगुल में फुटबॉल बहुत ही लोकप्रिय खेल बन चुका है। ज्यादातर युवा इसी खेल में दिखाई देते हैं। उनका कहना है कि वे बचपन से ही फुटबॉल मैच की दीवानी रही हैं। ज्यादातर समय वे फुटबॉल स्टेडियम में ही बिताती थी। बीएससी और बीएड के दौरान भी वे लगातार फुटबॉल खेलती रही।
एआईएफए के कई रैफरी टेस्ट पास करने के बाद उन्होंने फीफा में रैफरी के लिए आवेदन किया। इसके बाद उनका फीफा में चयन हुआ। फीफा द्वारा चुनी गई वे राज्य की पहली महिला फुटबॉल रैफरी होंगी। रूपा एक गरीब घर से हैं लेकिन फुटबॉल संघ ने उनके कॅरियर को बढ़ाने में अहम योगदान दिया।