
DMK Treasurer Durai Murugan warns of demonstration
चेन्नई।महानगर में जल संकट के समाधान के एक उपाय के तहत जोलारपेट से पानी के रेल के विकल्प का विरोध किया जा रहा है। डीएमके ने घोषणा की है कि अगर ऐसी कोशिश हुई तो बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
महानगर समेत राज्यभर में जलसंकट के समाधान के सरकार विविध उपाय कर रही है। मुख्यमंत्री ने पानी के हालात की समीक्षा बैठक में कहा था कि ६५ करोड़ की लागत से जोलारपेट से पानी की रेल चेन्नई लाई जाएगी।
डीएमके कोषाध्यक्ष दुरै मुरुगन ने इसका विरोध करते हुए कहा कि वेलूर जिले से चेन्नई के लिए पानी की रेल चलाई जाने पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। विधानसभा सत्र में भी डीएमके जलसंकट के निवारण में सरकार की विफलता का मसला उठाएगी।
जोलारपेट पर नहीं पड़ेगा असर
वेलूर से वाणिज्यिक कर मंत्री केसी वीरमणि ने कहा कि अगर जोलारपेट से पानी की ट्रेन चेन्नई भेजी जाती है तो स्थानीय जलापूर्ति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। संयुक्त पेयजल कार्यक्रम के तहत जो अतिरेक पानी होगा वही चेन्नई भेजा जाएगा। डीएमके इस मसले पर झूठा प्रचार कर रही है।
मंत्री वेलुमणि ने भी दिया जवाब
स्थानीय प्रशासन मंत्री एस. पी. वेलुमणि ने कहा कि चेन्नई में जलसंकट के निदान के लिए यह उपाय किया गया है। चेन्नई को पानी देने से वेलूर के कोटे का पानी कम नहीं होगा। जोलारपेट से पानी की आवाजाही करने पर स्थानीय लोग प्रभावित नहीं होंगे। हवनादि अनुष्ठान से उम्मीद है कि जल्द बरसात होगी।
Published on:
23 Jun 2019 02:14 am
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