
ईडी ने उदयनिधि स्टालिन फाउंडेशन की 36.3 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की
चेन्नई.
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कहा कि उनकी टीम ने 36.3 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति कुर्क की है और तमिलनाडु में उदयनिधि स्टालिन फाउंडेशन के बैंक खातों में पड़े 34.7 लाख रुपए जब्त किए हैं। फर्म पर 1 करोड़ रुपए की अपराध की आय प्राप्त करने का आरोप है। ईडी ने चेन्नई की केंद्रीय अपराध शाखा-वन द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर पीएमएलए जांच शुरू की। एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि शिकायतकर्ता पेटीगो कोमेर्सियो इंटरनेशनल एलडीए के निदेशक गौरव चाचर के साथ कल्लाल ग्रुप और उसके निदेशकों सरवणन पालनियप्पन, विजयकुमारन, अरविंद राज, विजय अनंत और अन्य लक्ष्मी मुत्तुरामन और प्रीता विजयनंत ने 114.37 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की थी। पेटीगो कोमेर्सियो इंटरनेशनल एलडीए ब्रिटेन की कंपनी लाइका ग्रुप की इकाई है जिसका भारत में लाइका प्रोडेक्शन, लाइका होटल्स के नाम से कारोबार है।
ईडी की जांच से पता चला था कि धोखाधड़ी वास्तव में 300 करोड़ रुपए की थी क्योंकि लाइका समूह ने बिना किसी उचित तर्क के आरोपी समूह और उसकी संस्थाओं को अन्य निवेश/लोन भी दिए थे। ईडी ने आरोपियों और शिकायतकर्ताओं के परिसरों में भी तलाशी अभियान चलाया। तलाशी अभियान के दौरान डिजिटल साक्ष्यों, दस्तावेजों, संपत्तियों, संदिग्ध नकदी और हवाला लेनदेन के रूप में विभिन्न आपत्तिजनक सबूतों की बरामदगी हुई, जो अभी भी ईडी की जांच के दायरे में है। उक्त फाउंडेशन के ट्रस्टी मामले में शामिल पक्षों से उपरोक्त प्राप्ति के लिए तर्कसंगत समझाने में विफल रहे। इस प्रकार उक्त मामले में अपराध की कुल राशि लगभग 300 करोड़ है, जिसमें 36.3 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति और बैंक खाते में उपलब्ध 34.7 लाख रुपए को भी कुर्क कर लिया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
Published on:
28 May 2023 01:56 pm
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