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विदेशी पालतू जानवरों का व्यापार जारी

चेन्नई. तमिलनाडु के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों पर आयातित पालतू जानवरों की धरपकड़ होने के बावजूद चेन्नई, तिरुचि, मदुरै और कोयम्बत्तूर जैसे अन्य शहरों एवं इनके बाहरी इलाकों में विदेशी पालतू जानवरों की बिक्री बेरोकटोक जारी है। पिछले 50 दिनों में चेन्नई अण्णा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर विदेशी पालतू जानवरों की दो खेप बरामद की गई थी।

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विदेशी पालतू जानवरों का व्यापार जारी

विदेशी पालतू जानवरों का व्यापार जारी

चेन्नई. तमिलनाडु के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों पर आयातित पालतू जानवरों की धरपकड़ होने के बावजूद चेन्नई, तिरुचि, मदुरै और कोयम्बत्तूर जैसे अन्य शहरों एवं इनके बाहरी इलाकों में विदेशी पालतू जानवरों की बिक्री बेरोकटोक जारी है।
पिछले 50 दिनों में चेन्नई अण्णा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर विदेशी पालतू जानवरों की दो खेप बरामद की गई थी। इनमें मैंगाबीज, अजगर और मामोर्सेट शामिल थे। दिलचस्प बात यह है कि सुदूरपूर्वी देशों को निर्यात के लिए 171-स्टार कछुए भी पिछले पचास दिनों में चेन्नई हवाईअड्डे पर पकड़ लिए गए थे। 2023 की पहली जब्ती में चेन्नई अण्णा हवाईअड्डे पर सीमा शुल्क अधिकारियों द्वारा 45 प्रकार के बॉल पाइथन, तीन मामोर्सेट और आठ मकई सांप पकड़े गए।
जांच विभागों में समन्वय की कमी
चेन्नई के एक पशु अधिकार कार्यकर्ता पीआर सरवणन ने बताया, जिन जानवरों को विदेशी प्रजातियों के रूप में वर्गीकृत किया गया है, उनकी तंग कंटेनरों में तस्करी की जा रही है।
इन विदेशी पालतू जानवरों की बिक्री तमिलनाडु में लाखों और करोड़ों को छू रही है। अधिकारियों को इस अवैध व्यापार पर अंकुश लगाना होगा। हालांकि चेन्नई सिटी पुलिस के सूत्रों ने बताया कि सीमा शुल्क विभाग और पुलिस के बीच समन्वय की कमी है इससे कई तस्करों को छूटने में मदद मिली है। एक और मुद्दा जो कानून लागू करने वालों को परेशान कर रहा है, वह है जब्त की गई विदेशी प्रजातियों के सही मूल्य का पता लगाने में विफलता हाथ लगी है।

तिरुचि, मदुरै और कोयम्बत्तूर समेत जिन शहरों में अंतरराष्ट्रीय उड़ानें उतरती हैं, वे भी विदेशी प्रजातियों की बिक्री के लिए हॉट स्थान हैं। पशु अधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार, इन हवाईअड्डों से जानवरों की तस्करी की गई विदेशी प्रजातियों को आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल जैसे अन्य राज्यों में ले जाया जाता है। सीमा शुल्क अधिकारियों ने बताया कि जब्त की गई तस्करी की प्रजातियों को उनके मूल देश वापस भेज दिया जाता है। इन मामलों को तमिलनाडु पुलिस को सौंपने के बारे में पूछे जाने पर अधिकारियों ने चुप्पी साध ली।