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किसी के छूने से असहज महसूस करो तो जोर से चीखो

गुड टच बैड टच - बच्चे व अभिभावक हुए शामिल

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Feel uncomfortable by touching someone, then shout loudly

किसी के छूने से असहज महसूस करो तो जोर से चीखो

चेन्नई. समाज में बाल यौन शोषण के बढ़ते मामलों को लेकर बच्चों व अभिभावकों को जाग्रत करने के लिए स्वाधीनता दिवस के उपलक्ष्य में बुधवार को ऊरपाक्कम स्थित सिद्धार्थ दक्षिण अपार्टमेंट में 'गुड टच बैड टचÓ को लेकर कार्यशाला का आयोजन हुआ। एसडीएफओए की ओर से आयोजित इस कार्यशाला में मुख्य अतिथि व वक्ता दंत रोग विशेषज्ञ डा. सपना जैन ने प्रजेंटेशन के जरिए बच्चों को उनके निजी अंगों के बारे में जानकारी दी। बेहतर संवाद के माध्यम से सपना जैन ने उनको बताया कि सामान्य और विकृत छूने में क्या अंतर होता है? बच्चों को जब ऐसी स्थिति का सामना करना पड़े तो क्या करना चाहिए। उनके अभिभावकों को किस तरह अपने बच्चों की बातें सुननी, समझनी और उनकी हिम्मत बढ़ानी चाहिए।

डा. जैन ने बच्चों को कुछ प्रसंग भी बताए और सलाह दी कि अगर कोई उनके साथ बुरा बर्ताव करता है तो वे जोर से चीखें तथा तुरंत उस जगह को छोड़ दें। इससे पहले रिहायशी परिसर में स्वाधीनता दिवस के उपलक्ष्य में परम्परागत खेलों का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि ने इन खेलों में विजयी रहे प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। श्रीमती ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। परम्परागत तरीके से उनका सम्मान किया गया। बच्चों ने स्वाधीनता दिवस के गानों पर रंगारंग प्रस्तुतियां व नाटक का मंचन भी किया।

कल्पवृक्ष 2018 की शुरुआत
चेन्नई. डा.अग्रवाल आई हास्पिटल की ओर से गुरुवार को कल्पवृक्ष 2018 की शुरुआत हुई थी। इस मौके पर मंत्री के.पांडियराजन, हास्पिटल के चेयरमैन डा.अमर अग्रवाल तथा डा.सजिता प्रवीण तथा एआईओएस के जनरल सेक्रेटरी डा.नम्रता शर्मा, डा.अश्विन अग्रवाल, डा.बी.दीपक उपस्थित थे। यह शैक्षणिक कार्यक्रम तीन दिनों तक चलेगा। इसमें देश भर से नेत्र चिकित्सा के विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस दौरान डा.वी.वेलायुतम एकेडमिक एक्सीलेंस गोल्ड मेडल तथा डा.जे.अग्रवाल मेरिटोरियस गोल्ड मेडल दिए गए। यह 12वां वार्षिक सतत चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम था जिसमें 50 चिकित्सा महाविद्यालयों के 600 पोस्ट ग्रेजुएट विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। इसमें हास्पिटल का आई रिसर्च सेंटर भाग ले रहा है। यह राष्ट्रीय कार्यक्रम है।