
तमिलनाडु के 29 जिलों में Groundwater स्तर में बड़ी गिरावट सामने आई है। बारिश सामान्य से अधिक होने के बावजूद यह गिरावट दर्ज की गई, जिससे राज्य में पानी की स्थिरता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
तमिलनाडु के जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 38 में से 29 जिलों में फरवरी में भूजल स्तर गिरा है। दिंडीगुल और तिरुपुर जिलों में सबसे अधिक 2.58 मीटर की गिरावट दर्ज की गई, जबकि कोयंबत्तूर में 2.07 मीटर, सेलम में 1.68 मीटर, धर्मपुरी में 1.62 मीटर, करूर में 1.54 मीटर और पेराम्बलूर में 1.20 मीटर की गिरावट देखी गई। इसी तरह मदुरै (1.27 मीटर), विरुदुनगर (1.20 मीटर), नामक्कल (1.08 मीटर) और ईरोड (1.10 मीटर) सहित कई जिलों में भी मध्यम स्तर की गिरावट दर्ज हुई है।
उत्तरी तमिलनाडु के तिरुवल्लूर (0.99 मीटर) और तिरुवन्नामलै (0.85 मीटर) में भी भूजल स्तर में उल्लेखनीय गिरावट आई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, यह गिरावट ऐसे समय में देखी गई है जब तमिलनाडु में वर्ष 2025 में सामान्य से 12% अधिक बारिश हुई। इंडिया मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) चेन्नई की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में कुल 1,027.7 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य बारिश 920.9 मिमी है। केवल चेंगलपेट जिले में बारिश कम रही, जबकि 10 जिलों में सामान्य से 20-59% तक और एक जिले में 60% से अधिक बारिश दर्ज हुई।
तटीय और डेल्टाई जिलों में भूजल गिरावट अपेक्षाकृत कम रही। नागपट्टिनम में केवल 0.03 मीटर, नीलगिरि में 0.04 मीटर और तिरुवारूर में 0.11 मीटर की गिरावट दर्ज की गई, जिससे इन जिलों में भूजल की स्थिति अन्य जिलों की तुलना में स्थिर मानी जा रही है।
राज्य के अधिकांश जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा के बावजूद भूजल स्तर में आई गिरावट ने गर्मी के मौसम से पहले जल पुनर्भरण और स्थिरता को लेकर चिंता बढ़ा दी है। जल संसाधन विभाग की यह रिपोर्ट राज्य में जल प्रबंधन के लिए सतर्कता का संकेत देती है।
Published on:
23 Mar 2026 03:41 pm
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