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गुरु जम्भेश्वर भगवान का जन्मोत्सव घर पर ही मनाया, नहीं हुआ सार्वजनिक आयोजन

- विश्नोई समाज ने की पूजाश्रीकृष्ण व जांभोजी दोनों मनुष्य के चरित्र विकास पर बल देते

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guru jambheswar bhagwan

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चेन्नई. गुरु जम्भेश्वर भगवान का जन्मोत्सव व जन्माष्टमी महोत्सव इस बार विश्नोई समाज के लोगों ने घर पर ही मनाया। कोरोना के चलते कोई सार्वजनिक कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया गया। चेन्नई में विश्नोई समाज के लोगों ने घर पर रहकर ही भगवान जम्भेश्वर की पूजा की।
श्री गुरु जम्भेश्वर विश्नोई ट्रस्ट चेन्नई के महासचिव हनुमान खीचड विश्नोई ने बताया कि हर वर्ष गुरु जम्भेश्वर भगवान का जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है लेकिन इस बार कोरोना महामारी के चलते कोई आयोजन नहीं किया गया। विश्नोई समाज के लोगों ने इस बार घर पर रहकर ही जन्मोत्सव मनाया। खीचड़ ने कहा कि विश्नोई समाज सदियों से जीवों व पर्यावरण का महत्व समझता आ रहा है। सिर सांठै रूंख रहे तो भी सस्तों जाण की परम्परा पर चलने वाला विश्नोई समाज सदियों से रहा है।
चरित्र पर बल
खीचड़ ने बताया कि श्रीकृष्ण व जांभोजी दोनों मनुष्य के चरित्र विकास पर बल देते हैं। श्रीकृष्ण जहां व्यक्ति को संघर्ष करने व हक के लिए लडऩे की पे्ररणा से भर देते हैं वहीं गुरु जम्भेश्वर महाराज व्यक्ति को अच्छे कर्म करके जीवन को इतना श्रेष्ठ बना देते हैं कि आपका व्यक्तित्व अनुकरणीय हो जाए। कृष्ण एवं जांभोजी महाराज के दिखाए आदर्शों का मूल भाव एक ही रहता है कि मनुष्यता का विकास किया जाएं। धर्म को मनुष्य के जीवन के आचरण में ढाला जाएं।