
HC seeks status report on AIIMS Madurai
मदुरै.
मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै शाखा ने सरकार से प्रश्न किया कि मदुरै में एम्स स्थापना की इच्छा नहीं है क्या? आधारशिला रखे दो साल गुजर जाने के बाद भी निर्माण कार्य क्यों नहीं शुरु हुआ? उल्लेखनीय है आरटीआइ के जवाब में केंद्र सरकार ने कहा था कि एम्स निर्माण के लिए आवश्यक जमनी राज्य ने अभी तक अंतरित नहीं की है। साथ ही जिका से उसका लोन एग्रीमेंट भी नहीं हुआ है। राजस्थान पत्रिका ने यह समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
इस बीच हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर हुई कि एम्स निर्माण के विलम्ब को टालने के लिहाज से जमीन अंतरित करने व निर्माण शुरू करने के निर्देश जारी किए जाएं। न्यायाधीश एन. कृपाकरण और जस्टिस बी. पुगलेंदी की न्यायिक पीठ ने शुक्रवार को याचिका पर सरकार की मंशा जानी कि क्या वह एम्स निर्माण में रुचि नहीं रखती? २०१९ में इसकी नींव रखी गई लेकिन काम आज तक शुरू नहीं हुआ।
न्यायालय ने आश्चर्य जताया कि राज्य को इस मामले में दो पहले जवाबी नोटिस भेजा गया था लेकिन अभी तक शपथपत्र पेश नहीं किया गया है। मदुरै में एम्स स्थापना की घोषणा करने के बाद क्यों विलम्ब हो रहा है? क्या सरकार की एम्स स्थापित करने की इच्छा नहीं है?
सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि जमीन अवाप्ति में कुछ समस्या है इसलिए निर्माण कार्य में विलम्ब हो रहा है।
Published on:
18 Dec 2020 07:56 pm
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