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Hedgewar : हर बात पूर्व निर्धारित, भगवान ही कराता संकल्प : पराशरण

पूर्व सॉलिसिटर जनरल केशव पराशरण को डॉ. हेडगेवार प्रज्ञा सम्मान

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चेन्नई. रामजन्म भूमि मामले में हिन्दू पक्ष को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले पूर्व सॉलिसिटर जनरल केशव पराशरण (९६) ने रविवार को कहा कि इस दुनिया में हर बात पूर्व निर्धारित है। जो भी कराते हैं वह संकल्प के साथ भगवान राम कराते हैं।


वे यहां राधाकृष्णन सालै स्थित सुराणा एंड सुराणा सभागार में श्री बड़ा बाजार कुमारसभा पुस्तकालय कोलकाता द्वारा दिए गए डॉ. हेडगेवार प्रज्ञा सम्मान को प्राप्त करने के बाद अपनी स्वीकारोक्ति दे रहे थे।


उन्होंने कहा प्रशंसा और सम्मान के लिए आपको विनम्र होना चाहिए। कोई भी कार्य अथवा लक्ष्य संकल्प से होता है और यह संकल्प भगवान कराता है। अयोध्या रामजन्म भूमि की जीत में कई सज्जनों (साधु पुरुष) का योगदान था। वे एक निमित्त मात्र थे। जैसा कि वाल्मीकि से रामायण लिखाई जानी तय थी। भगवान राम के पिता दशरथ होना, तय थे। उसी तरह हर बात भगवान द्वारा पूर्व निर्धारित होती है।


आरएसएस के पूर्व सरकार्यवाह भैयाजी जोशी ने पराशरण को बधाई देते हुए कहा कि वे संकल्प, समर्पण और चुनौती का डटकर सामना करने वाली प्रतिमूर्ति हैं। उम्र के उस पड़ाव पर सुप्रीम कोर्ट की जिरह में घंटों तर्क पेश करना महान कृत्य था। हेडगेवार का जो मानव निर्माण व समाज में बदलाव का दर्शन था वही छवि हमें पराशरण में नजर आती है और इसी वजह से उनको यह सम्मान मिला है।


ये थे उपस्थित
इस अवसर पर बड़ाबाजार कुमारसभा के वरिष्ठ पदाधिकारी सज्जन कुमार तुलस्यान, एम. पी. बजाज, भगीरथ चांडक और डा. तारा दूगड़ के अलावा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

हिन्दुस्तान के गौरव का मामला
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चम्पत राय ने राम जन्मभूमि मामले की सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के समय का स्मरण कराते हुए कहा कि भगवान राम ने पराशरण को इस जीत का माध्यम बनाया। अयोध्या रामजन्म भूमि का मसला केवल मंदिर का नहीं बल्कि हिन्दुस्तान के गौरव का मामला था।

Hedgewar : हर बात पूर्व निर्धारित, भगवान ही कराता संकल्प : पराशरण

हिन्दी सीख रहे जोहो के श्रीधर वेम्बू
अग्रणी आइटी कंपनी जोहो के संस्थापक और सीईओ ने पराशरण और उनके परिवार के बीच के रिश्ते का संदर्भ देते हुए कहा कि पराशरण ने नि:स्वार्थ राष्ट्र और समाज की सेवा की है। पराशरण के भाषण का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि वे हिन्दी सीख रहे हैं। कम्प्यूटर लैंग्वेज के एक प्रोग्राम के लिए इसकी आवश्यकता उनको महसूस हुई। फिलहाल वे देवनागरी लिपि समझ पा रहे हैं।