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केपी पार्क : नया ब्लॉक, पुरानी समस्याएं

केपी पार्क : नया ब्लॉक, पुरानी समस्याएं

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चेन्नई. एग्मोर रेलवे स्टेशन के पास फुटपाथ पर रहने वाले लोगों को केपी पार्क में शिफ्ट किया गया था। निवासियों का कहना है कि यहां नवनिर्मित घरों का प्लास्टर टूट रहा है। पानी नहीं है और कुछ घरों के अंदर टूटी बोतलें पड़ी है। पिछले एक महीने में, विल्लीवाक्कम, अरुंबाक्कम और एग्मोर के 308 परिवारों को केपी पार्क, पुलियनथोप में नए ब्लॉक में ठहराया गया है। जबकि ब्लॉक बाहर से चमक रहा है लेकिन भीतर से अलग ही दिख रहा है।
गलियारों में पानी जमा है और असहनीय बदबू आ रही है। सबसे खराब स्थिति के डर से निवासी पार्किंग क्षेत्रों और आस-पास की सड़कों पर रहने को मजबूर हो गए हैं।
अधिकांश अकुशल श्रमिक
निवासियों ने बताया कि मुख्य मुद्दों में से एक पानी है, जिसकी आपूर्ति केवल 8 से 8:30 बजे के बीच की जाती है। हम में से अधिकांश अकुशल श्रमिक है। हमारा काम सुबह 7 बजे से शुरू होता है। अगर आपूर्ति के समय घर पर कोई नहीं है, तो हमारे पास पानी भरने की दिक्कत हो जाती है इसके अलावा सभी शौचालय पश्चिमी शैली में बनाए गए हैं, जिनमें तुलनात्मक रूप से अधिक पानी की आवश्यकता होती है। यहां कई गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं है जो पानी की कमी के कारण वॉशरूम का उपयोग करने में असमर्थ हैं।
खिड़कियां भी टूट गई
इमारत इतनी नाजुक है कि अगर कोई कील ठोकने की कोशिश करता है तो उसका प्लास्टर टूट जाता है और दीवार में छेद हो जाता है। भवन की गुणवत्ता इतनी खराब है कि यह कभी भी गिर सकता है। इसके अलावा, कुछ घरों में खिड़कियां भी टूट गई हैं।