2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अगर आप हिंदी नहीं थोपेंगे तो इसका विरोध नहीं करेंगे: स्टालिन

MK Stalin Tamilnadu

2 min read
Google source verification
MK Stalin Tamilnadu

चेन्नई. मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने बुधवार को कहा कि अगर तमिलनाडु और तमिलों के आत्मसम्मान के साथ खिलवाड़ कर जबरन उनपर हिंदी भाषा ‘थोपी’ नहीं जाए तो पार्टी इस भाषा का विरोध नहीं करेगी। कथित रूप से हिंदी थोपे जाने के मुद्दे पर पार्टी कार्यकर्ताओं को लिखे पत्र में स्टालिन ने कहा कि आत्मसम्मान तमिलों की ‘विशेषता’ है। जो लोग पूछ रहे हैं कि द्रमुक अब भी हिंदी का विरोध क्यों कर रही है, तो मैं आप में से एक होने के नाते उन्हें विनम्रता से जवाब देता हूं- क्योंकि आप अब भी इसे हम पर थोप रहे हैं।

उन्होंने कहा कि, अगर आप नहीं थोपेंगे तो हम विरोध नहीं करेंगे, तमिलनाडु में हिंदी के शब्दों पर कालिख नहीं पोतेंगे। आत्म-सम्मान तमिलों की अनूठी विशेषता है और हम किसी को भी, चाहे वह कोई भी हो, इसके साथ खिलवाड़ नहीं करने देंगे। स्टालिन की यह टिप्पणी राज्य में भाषा को लेकर जारी विवाद के बीच आई है। मुख्यमंत्री स्टालिन ने यह भी कहा कि, राज्य आज तीन-भाषा फार्मूले के नाम पर ‘‘हिंदी और फिर संस्कृत थोपने" के भाजपा के प्रयासों के खिलाफ है और इसके लिए मंच द्रविड़ नेताओं द्वारा वर्षों पहले तैयार किया गया था।

तमिलनाडु की दो-भाषा नीति (तमिल और अंग्रेजी) के परिणामस्वरूप राज्य स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों के सृजन में अच्छी प्रगति के साथ पहला स्थान बना पाया है। उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर दक्षिणी राज्य को ‘‘धोखा" देने का भी आरोप लगाया और तमिलों की रक्षा के लिए सभी कदम उठाने का आश्वासन दिया।