
चेन्नई.
कोरोना वायरस के संक्रमण के दौर में आईआईटी, मद्रास ने डेटा प्रोसेसिंग और कंप्यूटर साइंस में ऑनलाइन डिग्री और डिप्लोमा कोर्स लॉन्च किया है। इससे आईआईटी, मद्रास दुनिया का पहला ऐसा शैक्षणिक संस्थान बन गया है, जिसने डेटा प्रोसेसिंग और कंप्यूटर के क्षेत्र में ऑनलाइन डिग्री और डिप्लोमा कोर्स शुरू किया है।
मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए यह ऑनलाइन कोर्स लॉन्च किया। उन्होंने कहा वे आईआईटी, मद्रास के अनुसंधान कार्यों एवं श्रेष्ठ प्रदर्शन से वाकिफ हैं क्योंकि राष्ट्रीय रैंकिंग फ्रेमवर्क में यह हमेशा नंबर एक रहा है और इसने देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि इस संस्थान के निदेशक भास्कर राममूर्ति ने कोरोना के दौर में यह ऑनलाइन डिग्री और डिप्लोमा कोर्स शुरू कर एक सराहनीय काम किया है जिसके लिए मैं उन्हें बधाई देता हूं।
उन्होंने कहा कि आईआईटी, आईआईएम और आईसर जैसी संस्थाओं ने देश की शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता को बढ़ाया है और उन्होंने शोध एवं अनुसंधान कार्यों में बेहतर प्रदर्शन किया है।
कौन ले सकता है एडमिशन
इस डिग्री कोर्स को सेकंड डिग्री के तौर पर भी किया जा सकता है यानी जो छात्र अभी भी कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं, वे भी इसमें एडमिशन ले सकते हैं। इसके अलावा जो छात्र ड्रॉप आउट हो या बैचलर डिग्री पूरी कर चुके हों वे भी इसमें आवेदन कर सकते हैं। इसमें उम्र या सब्जेक्ट की कोई बाध्यता नहीं है। डिग्री के साथ ही डिप्लोमा इन प्रोग्रामिंग, डिप्लोमा इन डाटा साइंस भी किया जा सकता है। जो भी ये डिग्री या डिप्लोमा लेंगे वे आईआईटी मद्रास का हिस्सा माने जाएंगे।
कैसे मिलेगा एडमिशन
एडमिशन पाने के लिए 4 हफ्ते का ऑनलाइन कोर्स और असाइनमेंट पूरे करने होंगे। जो छात्र वीकली असाइमेंट में पासिंग माक्र्स ला पाएंगे, उन्हें क्वालिफायर एग्जाम का मौका दिया जाएगा। जो छात्र क्वालिफायर एग्जाम में पासिंग माक्र्स लाएंगे, उन्हें ही फाउंडेशनल लेवल कोर्स में रजिस्ट्रेशन का मौका मिलेगा। फाउंडेशनल लेवल में 8 कोर्स होंगे तथा डिप्लोमा लेवल पर 6 प्रोग्रामिंग कोर्स और 6 डाटा साइंस कोर्स रहेंगे, जबकि डिग्री लेवल पर 11 कोर्स रखे गए हैं।
ये तमाम रजिस्ट्रेशन 15 सितंबर से पहले कर लिए जाएंगे। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाएगा। ये ऑनलाइन लर्निंग और इन-पर्सन असेसमेंट का कॉम्बिनेशन है। साथ ही इसके जरिए दूसरे संस्थानों को भी इस तरह के ऑनलाइन प्रोग्राम शुरू करने की प्रेरणा मिलेगी। भले ही ये इसकी पढ़ाई ऑनलाइन होगी लेकिन इसकी परीक्षा और इस परीक्षा का मूल्यांकन ऑफलाइन मोड में होगा।
शैक्षणिक सत्र 2020-21 से शुरू होगा
गौरतलब है कि भारत और दुनियाभर के उद्योगों में प्रोग्रामिंग और डेटा साइंस की मांग बढ़ती जा रही है। भविष्य में होने वाले औद्योगिक विकास में इसका महत्वपूर्ण योगदान होगा। इसलिए बड़ी संख्या में नई पीढ़ी के पेशेवरों को भविष्य के लिए तैयार करने के लिए आईआईटी मद्रास ने यह पहल शुरू की है। एक अनुमान के मुताबिक,2026 तक 11.5 मिलियन डेटा साइंस डिग्रीधारकों की जरूरत होगी।
शैक्षणिक सत्र 2020-21 से शुरू होने वाले इस ऑनलाइन डिग्री प्रोग्राम में 2020 में 12वीं की परीक्षा देने वाले किसी भी उच्च शिक्षण संस्थान में रजिस्टर्ड छात्र और नौकरीपेशा भी इस ऑनलाइन डिग्री प्रोग्राम में दाखिला ले सकते हैं। दसवीं कक्षा में इंग्लिश के साथ मैथ्स विषय की पढ़ाई अनिवार्य योग्यता है।
Published on:
01 Jul 2020 07:45 pm
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