
आइआइटी मद्रास छात्रों को दे रहा कई सहूलियतें
चेन्नई. भारतीय प्रोद्योगिकी संस्थान मद्रास (आइआइटीएम) विश्व के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों में से एक है। केन्द्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय की ओर से नेशनल इन्स्टीट्यूशनल रेंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) में लगातार पांचवे साल देश के इंजीनियरिंग संस्थानों में पहली रेंक हासिल की है।
आइआइटी मद्रास के छात्रों को 50 फीसदी वह पाठ्यक्रम चयन करने की छूट हैं जिसमें वे अध्ययन करना चाहते है। आइआइटी मद्रास के 16 विभागों में से आठ पाठ्यक्रम का चयन करने के लिए विद्यार्थी स्वतंत्र होता है। विद्यार्थी भारत के इतिहास, मनोविज्ञान, अर्थशास्त्र सरीखे विषयों को लेकर 72 क्रेडिट प्राप्त कर सकता है।
यदि कोई छात्र अर्थशास्त्र में चार पाठ्यक्रम लेता है तो आइआइटी मद्रास की ओर से छोटे कोर्स की सहमति मिल जाती है। यानी कोई विद्यार्थी किसी एक क्षेत्र में चार ऐसे पाठ्यक्रम पूरे कर सकता है। ऐसे छोटे कई पाठ्यक्रम आइआइटी मद्रास की ओर से करवाए जाते हैं।
आइआइटी मद्रास के डीन (अकादमिक पाठ्यक्रम) प्रोफेसर जगदीश कुमार कहते हैं, मै नहीं सोचता कि अन्य कोई आइआइटी इस तरह के पाठ्यक्रम करवाती होगी। छात्र इससे आसानी से क्रेडिट हासिल कर सकते है। वे कहते हैं, यदि कोई छात्र रोबोट बनाने में रुचि रखता है तो वह इसमें क्रेडिट ले सकता है। सभी विभागों में छात्र 36 क्रेडिट प्राप्त कर सकता है। हालांकि यह कक्षा का हिस्सा नहीं है लेकिन इससे सीखने में मदद मिल जाती है। आइआइटी मद्रास सिस्टम के तहत इसमें क्रेडिट मिल जाते है।
ब्रांच में बदलाव के लिए सेमेस्टर के अंत में ऑप्शन दिया जाता है। आइआइटी मद्रास 1300 छात्रों को प्रवेश देता है लेकिन केवल 25 से 30 छात्र ही ब्राच बदलते हैं। ऐसे में छात्रों को ब्रांच में बदलाव बहुत कम होता है। पांचवे व छठे सेमेस्टर में छात्र को रोबोटिक्स, क्वांटम साइंस, एनर्जी सिस्टम, डाटा साइंस, बायोमेडिकल इंजीनियरिंग में अपग्रेड का अवसर मिलता है। हाल ही डायनेमिकल सिस्टम को जोड़ा गया है।
इसके साथ ही आइआइटी ने कई प्रतिष्ठित विेदेशी विश्वविद्यालयों के साथ एमओयू किया है। इनमें से अधिकांश यूरोप में है। कुछ यूएस व अन्य देशों में है। आइआइटी मद्रास के छात्र एक सेमेस्टर इन विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ कर सकते हैं।
इसके साथ ही बीटेक करने वाला छात्र यदि एमबीए करना चाहे तो उसके लिए भी अवसर दिया जाता है। केवल एक अतिरिक्त साल खर्च कर छात्र बीटेक के साथ एमबीए की डिग्री भी प्राप्त कर सकता है।
आइआइटी मद्रास के निदेशक प्रोफेसर भास्कर राममूर्ति करते है, कुछ साल पहले तक आइआइटी में छात्राओं की भागीदारी केवल आठ फीसदी ही थी। अभी आइआइटी मद्रास में छात्राएं 14 प्रतिशत है।
Published on:
19 Oct 2020 10:37 pm
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