
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (IIT MADRAS) ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान दान में रिकॉर्ड 513 करोड़ रुपए जुटाकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। आइआइटी मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी. कामकोटी ने कहा संस्थान को पिछले वर्ष से 218 करोड़ रुपए के साथ 135 प्रतिशत अधिक दान मिला है। संस्थान ने अपने पूर्व छात्रों, उद्योग और व्यक्तिगत दानदाताओं से 513 करोड़ रुपए की सर्वकालिक उच्च राशि जुटाई है। रिकॉर्ड धन संग्रह के प्रयास का समन्वय आइआइटी मद्रास ऑफिस ऑफ इंस्टीट््यूशनल एडवांसमेंट और आइआइटी मद्रास एलुमनी चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा किया गया था।
प्रो. वी. कामकोटी ने कहा कि नए केंद्रों की स्थापना और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों में संस्थान की अनुसंधान क्षमताओं को बढ़ाने से फंड में वृद्धि रही। इनमें वाधवानी स्कूल ऑफ डाटा साइंस एंड एआई की लॉङ्क्षन्चग शामिल है, जिसने अकेले पूर्व छात्र सुनील वाधवानी से 110 करोड़ रुपए का योगदान प्राप्त किया।
वर्ष 2023-24 के दौरान अकेले पूर्व छात्रों के माध्यम से जुटाई गई कुल राशि 367 करोड़ रुपए थी, जो पिछले वर्ष की तुलना में 282 प्रतिशत की वृद्धि है। शैक्षणिक विकास के लिए फंङ्क्षडग में तेजी से वृद्धि की आवश्यकता है। आइआइटी मद्रास के ऑफिस ऑफ इंस्टीट््यूशनल एडवांसमेंट के सीईओ कविराज नायर ने कहा, पूर्व छात्र समुदाय और कॉर्पोरेट दानदाताओं के माध्यम से जुटाए गए धन का उपयोग अत्याधुनिक अनुसंधान का समर्थन करने, जरूरतमंद छात्रों को छात्रवृत्ति देने और परिसर को विकसित करने में मदद करने में किया जाता है।
Published on:
09 May 2024 05:47 pm
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