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देशी -विदेशी नस्लों के श्वानों का जलवा

पहले दिन विभिन्न नस्लों के 33 श्वान पहुंचे।शो में कुल 345 श्वान भाग लेंगे

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Indigenous breed of dog breed


ऊटी. यहां के आर्ट कॉलेज में शुक्रवार से तीन दिवसीय डॉग शो शुरु हुआ। पहले दिन विभिन्न नस्लों के 33 श्वान पहुंचे।शो में कुल 345 श्वान भाग लेंगे।साउथ ऑफ इंडिया कैनल क्लब ऊटी की ओर से आयोजित डॉग शो के बारे में क्लब की सचिव नगीना राठौड़ ने बताया कि जज के रुप में मलेशिया व स्विटजरलैण्ड से विशेषज्ञ आए हैं। शोमें केन कारसो अरजिन्दा, अमरीकन टेफोर्ड, सायर मोल्टिज नस्ल के श्वान पहली बार भाग ले रहे हैं।देशी नस्ल में कर्नाटक के बागलकोट, धारवाड़ कोल्हापुर से कोरेमान हाउण्ड, राजीपालयम कोम्बे नस्ल के डॉग आएंगे।राठौड़ ने बताया कि बेंगलुरु से पुलिस अकादमी के श्वान आए हैं।उन्होंने दावा किया कि भारत में डॉग शो की शुरुआत ऊटी में हुई थी।


बागवानी विभाग के अस्थायी कर्मचारियों ने दिया धरना
कोयम्बत्तूर. नीलगिरी जिले के बागवानी विभाग के अस्थायी कर्मचारियों ने शुक्रवार को अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन । करीब 463 कर्मचारियों ने सुबह ऊटी में बॉटनिकल गार्डन के संयुक्त निदेशक कार्यालय पर पहुंचे व धरने पर बैठ गए। इनमें महिलाएं भी शामिल थी। यहां हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि उनकी स्थिति दोयम दर्जे की हो गईहै।जिले में पांच पार्क व नौ फार्म हैं। प्रशासन को पता है कि इन सभी में काम काज पूरी तरह उन्हीं के भरोसे हैं।कई सालों की सेवा के बाद भी उन्हें स्थायी नहीं किया जा रहा है।वे हर साल अपनी मांग को लेकर यहां आते हैं पर विभागीय अधिकारी उन्हें आश्वासन दे कर लौटा देते हैं।उन्होंने कहा कि उनकी मजदूरी तक नहीं बढ़ाई जा रही।अन्य भत्ते परिलाभ तो दूर न प्रोविडेन्ट फंड तक नहीं दिया जा रहा। वक्ताओं ने कहा कि आंदोलन करने पर नौकरी से निकाले जाने का खतरा रहता है।वक्ताओं ने संयुक्त निदेशक कार्यालय में दिए ज्ञापन में राज्य सरकार से स्थायी नौकरी देने की मांग की। उन्होंने कहा कि फौरी राहत के तौर पर उनकी मजदूरी बढ़ाई जाए। प्रोविडेन्ट फंड व भत्ते व अन्य परिलाभ दिए जाएं।