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सैर-सपाटे के साथ औषधीय उत्पाद एवं जड़ी बूटियों के लिए चर्चित कोली हिल्स

- प्रकृति की गोद में िस्थत है कोली हिल्स

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चेन्नई.

नामक्कल स्थित कोली हिल स्टेशन को प्रकृति की गोद कहें तो शायद कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। कोली निश्चय ही प्रकृति का संजीदगी से अहसास कराता है। कोली भले ही छोटा हिल स्टेशन हो लेकिन इसके सौन्दर्य शास्त्र का कहीं कोई जोड़ नहीं है। करीब 280 वर्ग किलोमीटर दायरे में फैला यह हिल स्टेशन सुन्दर वॉटर फॉल्स भी रखता है। समुद्र तल से करीब 1300 मीटर ऊंचाई पर स्थित इस हिल स्टेशन पर दिव्य-भव्य देव स्थान अरालेश्वर विद्यमान हैं। कोली हिल स्टेशन एवं उसके आसपास विशिष्ट स्थानों की एक लम्बी श्रंखला है। इनमें खास तौर पर अरालेश्वर मंदिर, अगासागनगै वॉटर फॉल्स, अम्मन मंदिर, सिद्ध गुफायें, सेलूर व्यू प्वाइंट एवं सोलाक्कुडू बहुत कुछ है।

क्या है पहाडिय़ों का इतिहास

कोली हिल्स की सुन्दरता की खासियत यह है कि कोली को तमिल साहित्य में स्थान दिया गया। विशेषज्ञों की मानें तो ऋषियों ने तपस्या के लिए कोली को चुना था। वसंत ऋतु में कोली का परिवेश देखते ही बनता है। यह स्थान वाणिज्यिक पर्यटन से काफी दूर है। पौराणिक किंवदंतियों के अनुसार कभी कुछ साधु तपस्या के लिए किसी शांत जगह की तलाश में यहां पहुंचे थे, लेकिन जैसे ही उन्होंने अपना तप शुरू किया अचानक जंगल के राक्षस आ धमके जिन्होंने अनुष्ठान में बाधा डालना शुरू कर दिया। इस पर साधुओं ने कोली पावै देवी की आराधना की जिसके बाद वे राक्षस वहां से भाग गए। कोली हिल्स खासतौर पर औषधीय उत्पाद एवं जड़ी बूटियों के लिए जाना जाता है। वनस्पतियों सहित मसालों की पैदावार का यह एक प्रमुख केन्द्र है। मसलन कॉफी, चाय, जैकफ्रूट, अनन्नास, काली मिर्च की सुगंध से परिवेश महकता रहता है। पहाड़ों का खास उत्पाद जैकफ्रूट यहां विशेष लोकप्रिय हैं।औषधीय फार्म की ख्याति

यहां की औषधीय फार्म मुख्यत: सेमेमेडु से वासलूरपट्टी जाने के मार्ग पर स्थित है। औषधीय पौधों के लिए पहचान रखने वाली औषधीय वनस्पतियों में शायद ही कोई प्रजाति ऐसी होगी, जो यहां उपलब्ध न हो। आयुर्वेद, सिद्धा, यूनानी दवाओं में उपयोग की जाने वाली वनस्पतियों की लम्बी श्रंखला यहां उपलब्ध है। स्थानीय लोगों का कहना कि यहां पाई जाने वाली जड़ी-बूटियां और औषधीय पौधे अधिक प्रभावी माने जाते हैं।यहां की कुछ दुलर्भ प्रजातियां

पहाडिय़ों पर कुछ दुर्लभ प्रजातियां भी पाई जाती है जिनमें विथानिया सोम्निफेरा (तनाव कम करने के लिए उपयोग किया जाता है), ऑसिमम अमेरिकनम या लाइम तुलसी (जीवाणुरोधी गुणयुक्त), एगल मार्मेलोस या गोल्डन सेब (एंटीऑक्सीडेंट गुणयुक्त), एकोरस कैलमस या स्वीट फ्लैग (जीवनशैली से संबंधित बीमारियों के इलाज के लिए उपयोगी), अचिरांथेस एस्पेरा (ग्रामीण क्षेत्रों में स्त्री रोग संबंधी विकारों के इलाज के लिए उपयोगी), जिम्नेमा सिल्वेस्ट्रे (मधुमेह विरोधी गुणयुक्त), सेंटेला एशियाटिका (त्वचा के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी) सहित कुछ अन्य प्रजातियां यहां पाए जाती हैं।