
मानसिक रोग का इलाज कराते समय परवान चढ़ा प्यार, फिर कर ली शादी
चेन्नई.
क्या मानसिक रोग का इलाज करवा रहे दो मरीजों में प्रेम हो सकता है? जिनको अपनी ही सुध नहीं क्या वो किसी से प्रेम कर शादी कर सकते हैं? चेन्नई के कीलपॉक स्थित मेंटल हेल्थ इंस्टीट्यूट (आईएमएच) में ऐसी ही दुनिया से बिल्कुल अलग प्रेम कहानी की जीत हुई। मानसिक रोग का इलाज करवा रहे दो लोगों ने शादी कर ली। मानसिक अस्वस्थताओं से पीडि़त महेंद्रन और दीपा के बीच इलाज के दौरान दोस्ती हुई। कुछ ही दिनों में उनकी दोस्ती प्यार में बदल गई और बाद में उन्होंने शादी कर ली। हालांकि, ये सबकुछ इतना आसान नहीं था। मानसिक रोग जैसी बीमारी के इलाज के दौरान दोनों कैसे एक दूसरे के संपर्क में आए और कैसे शादी की? इस बारे में खुद दम्पती ने इसके बारे में बताया है।
अस्पताल कब पहुंचे याद नहीं
महेंद्रन और दीपा कब इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ पहुंचे, ये उन्हें भी याद नहीं। 42 वर्षीय महेंद्रन के परिवार की जमीनी विवाद के मसले पर रिश्तेदारों से अनबन चल रही थी। वहीं दीपा के पिता की 2016 में मौत हो गई थी। इसके बाद से ही दीपा का मानसिक स्वास्थ्य ठीक नहीं था। लेकिन मरीज घर जाने के आधे रास्ते पर पहुंच जाते हैं यानि थोड़े ठीक हो जाते हैं उन्हें हाफ वे होम भेजा जाता है। इलाज खत्म होने के बाद भी मरीज यहां रह सकते हैं। महेंद्रन और दीपा ऐसे ही मरीजों में से एक थे। यहीं पर महेंद्रन और दीपा की मुलाकात हुई। दोनों कई दिनों तक दोस्त बने रहें। महेंद्रन ने बताया कि दीपा को प्रपोज करना आसान नहीं था लेकिन वो कुछ महीनों से उसे पसंद करता था।
एक दूसरे को करते है पसंद
दीपा ने बातचीत के दौरान बताया कि पहले वो कन्फ्यूज थी। पिता की मौत के बाद वो शादी ही नहीं करना चाहती थी। दीपा ने बताया कि वो घर गई तब उन्हें लगा कि महेंद्रन ही वो शख्स है जो जिंदगी को कोई मतलब दे सकता है। महेंद्रन आईएमएच के डे केयर सेंटर में ही काम करते हैं। जिन लोगों के लिए दिन काटना मुश्किल होता है, महेंद्रन उनके साथ रहते हैं। इसके अलावा वो इंस्टीट्यूट के बाहर भी पार्ट टाइम जॉब करते हैं। दीपा आईएमएच द्वारा चलाए जा रहे कम्युनिटी कैफे में काम करती हैं। दोनों के बीच प्यार परवान चढ़ा और बीते शुक्रवार को दोनों ने शादी कर ली।
228 साल के इतिहास में पहली बार
मेंटल हेल्थ इंस्टीट्यूट (आईएमएच) की डायरेक्टर डॉ. पूर्ना चंद्रिका ने बताया कि आईएमएच में कभी मरीजों की शादी नहीं हुई थी, मरीज एक-दूसरे से कम ही बातचीत करते हैं। डॉ. चद्रिका के अनुसार महेंद्रन और दीपा के रिश्ते के बारे में मुझे तब पता चला जब दोनों की शिकायत मेरे पास आई। मैंने कुछ बंदिशें लगाई लेकिन दोनों को रोकना नामुमकिन था। मैंने सोचा कि क्या यहां ऐसा रिश्ता संभव है। फिर दीपा से बात की और उसने बताया कि सोच-समझकर ही निर्णय लिया है।
Published on:
27 Oct 2022 02:16 pm
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