मीनाक्षी अम्मन मंदिर के लिए विश्व प्रसिद्ध मदुरै में कूडल अळगर मंदिर का भी माहात्म्य है। कूडल का आशय एक जगह एकत्र होने से है। शिव व पार्वती के विवाह के लिए सभी देव, मुनि व गण यहां एकत्र हुए थे। भगवान विष्णु ने इस विवाह में सहयोगी की भूमिका निभाई थी। इस परिणयोत्सव में शक्ति, भक्ति, सौंदर्य और सम्पदा सभी की उपस्थिति थी। यहां शिव-पार्वती के विवाह के दर्शन पूरे ब्रह्माण्ड को हुए। कूडल अळगर मंदिर का राजगोपुरम पांच मंजिला है। मंदिर से जुड़े जलकुण्ड व सरोवरों के नाम हेम पुष्करिणी, चक्र तीर्थम, कृतमाला निधि व वैगई नदी है। मंदिर के गर्भगृह के ऊपर स्थित गोपुरम का नाम अष्टांग विमानम है। वर्णन के अनुसार जब कोनेडु मारन श्रीवल्लभदेवन का मदुरै पर शासन था। वैष्णव संत पेरियआलवार यहां आए। भगवान अळगर की भव्यता पर वे मंत्रमुग्ध हो गए। उन्होंने उनकी स्तुति में तिरुपल्लाण्डु गाया। तिरुमंगै आलवार व आण्डाल ने भी भगवान विष्णु की यहां काव्य वंदना की।