19 जून 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आकाश यादव की FIR पर तेज प्रताप यादव ने दिया जवाब, कहा- लीगल नोटिस से बौखलाकर रची झूठी कहानी

Tej Pratap Yadav News: पटना के पाटलिपुत्र थाने में दर्ज FIR पर तेज प्रताप यादव ने पलटवार किया है। उन्होंने आरोपों को झूठा और प्रतिशोध की राजनीति से प्रेरित बताया, जबकि आकाश यादव ने धमकी और जबरन प्रवेश के आरोप लगाए हैं।

3 min read
Google source verification

पटना

image

Anand Shekhar

Jun 19, 2026

tej pratap yadav

जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव

Tej Pratap Yadav vs Akash Yadav: जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव और छात्र RJD के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष आकाश यादव के बीच अब एक नया विवाद शुरू हो गया है। आकाश यादव की शिकायत पर कोर्ट के आदेश के बाद पटना के पाटलिपुत्र थाने में तेज प्रताप यादव और उनके सहयोगी मोतीलाल यादव के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इस पर पलटवार करते हुए तेज प्रताप यादव ने आरोपों को पूरी तरह सिरे से नाकार दिया है। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा भेजे गए कानूनी नोटिस से बौखलाकर प्रतिशोध की भावना से यह झूठी और मनगढ़ंत कहानी रची गई है।

क्या बोले तेज प्रताप यादव

अपने खिलाफ दर्ज कराई गई एफआईआर पर तेज प्रताप यादव ने कहा, "यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस व्यक्ति को उसके अभद्र, अपमानजनक, धमकीपूर्ण एवं असामाजिक व्यवहार के संबंध में विधिवत कानूनी नोटिस भेजा गया, उसने अपनी गलती स्वीकार करने या खेद व्यक्त करने के बजाय प्रतिशोध की भावना से प्रेरित होकर मेरे विरुद्ध एक झूठी एवं मनगढ़ंत प्राथमिकी दर्ज कराने का प्रयास किया है।"

तेज प्रताप यादव ने चेतावनी देते हुए कहा कि वे सार्वजनिक जीवन में रहने के कारण हमेशा कानून और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करते आए हैं, लेकिन कोई उनकी जनसुलभता और विनम्रता को उनकी कमजोरी समझने की भूल न करे। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में होने का मतलब यह नहीं है कि वे अपने चरित्रहनन, झूठ या कानून के दुरुपयोग को बर्दाश्त करेंगे।

झूठ के आगे न झुका हूं, न झुकूंगा

तेज प्रताप यादव ने न्यायपालिका और संवैधानिक संस्थाओं पर पूरा भरोसा जताते हुए स्पष्ट किया कि वे इस दुष्प्रचार से विचलित होने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा, "सत्य को किसी प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती, परंतु झूठ को बार-बार सहारे ढूंढने पड़ते हैं। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि न तो मैं किसी प्रकार के दबाव में आने वाला हूं, न ही झूठे आरोपों से डिगने वाला हूं। झूठ, भय और साज़िश के आगे न कभी झुका हूं, न झुकूंगा। सत्य की विजय निश्चित है।"

आकाश यादव का आरोप- लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से मिली धमकी

दूसरी ओर, अदालत के आदेश पर पाटलिपुत्र थाने में दर्ज कराए गए मामले में आकाश यादव ने तेज प्रताप यादव और उनके सहयोगी पर जान से मारने की धमकी देने का बेहद गंभीर आरोप लगाया है। आकाश यादव के अनुसार, 6 जून को जब वे खाटूश्याम यात्रा पर गए हुए थे, तब तेज प्रताप यादव अपने सहयोगी मोतीलाल यादव के साथ उनके पाटलिपुत्र स्थित आवास पर पहुंचे और जबरन घर में घुसने की कोशिश करते हुए परिवार को धमकी दी।

आकाश यादव का दावा है कि इसके बाद उनके फोन पर मोतीलाल यादव का कॉल आया, जिसमें तेज प्रताप ने भी बात की। इसके कुछ देर बाद एक अज्ञात नंबर से कॉल आया, जिसमें खुद को कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताते हुए मंत्री जी (तेज प्रताप यादव) के खिलाफ कुछ भी बोलने पर गंभीर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी गई।

विधि-व्यवस्था एसडीपीओ-2 दिव्यांजली जायसवाल ने प्राथमिकी दर्ज होने की पुष्टि करते हुए कहा है कि पुलिस मामले के हर पहलू और आकाश यादव द्वारा सौंपे गए कॉल रिकॉर्डिंग के साक्ष्यों की गहनता से जांच कर रही है।

कहानी का दूसरा पहलू- तेज प्रताप का 7 दिनों का अल्टीमेटम

तेज प्रताप यादव के वकील द्वारा 07 जून 2026 को आकाश यादव को भेजे गए लीगल नोटिस में पूरी कहानी अलग नजर आती है। इस नोटिस में आरोप लगाया गया है कि आकाश यादव ने शराब के नशे में धुत्त होकर तेज प्रताप यादव को फोन किया और उनके खिलाफ बेहद गंदी व आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया।

नोटिस के अनुसार, आकाश यादव ने फोन पर तेज प्रताप को धमकी देते हुए कहा था, "साले, मैं तुझे कहीं का नहीं छोड़ूंगा, मार दूंगा।" तेज प्रताप के वकील ने भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) की धारा 351 ( criminal intimidation) और धारा 356 (defamation) के तहत नोटिस देकर आकाश यादव से 7 दिनों के भीतर बिना शर्त लिखित माफी की मांग की थी।