
मरीना बीच को छह महीने में विश्वस्तरीय बनाया जाए
चेन्नई. मद्रास उच्च न्यायालय ने गुरुवार को चेन्नई कार्पोरेशन आयुक्त और चेन्नई महानगर पुलिस आयुक्त को मौखिक निर्देश दिया कि छह महीने के भीतर मरीना बीच (Marina Beach) को विश्वस्तरीय (world class) बनाया जाए। न्यायाधीश विनीत कोठारी और जस्टिस आर. सुरेश कुमार की बेंच ने फिशरमैन केर की याचिका पर सुनवाई करते हुए उक्त विचार रखे। इससे पहले चेन्नई कार्पोरेशन की ओर से पेश हुए अपर महाधिवक्ता एसआर राजगोपाल ने हाईकोर्ट को बताया कि मरीना बीच पर १४८६ फुटकर विक्रेताओं की पहचान कर पहचान पत्र दिए जा चुके हैं। इनके अलावा किसी को भी लाइसेंस नहीं दिया जाएगा।
Madras High Court ने उनको मरीना बीच पर लम्बवत दुकानों और स्टॉल की व्यवस्था करने संबंधी चेन्नई कार्पोरेशन की योजना के बारे में अतिरिक्त शपथपत्र पेश करने को कहा। साथ ही निर्देश दिए कि इस योजना में मरीना में लूप रोड विकसित किए जाने का विवरण हो। लूप रोड के लिए दो एकड़ जमीन आवंटित की गई है जहां विकसित होने वाले बाजार में मछुआरों को दुकानें आवंटित की गई हैं।
बेंच ने एएजी को यह भी निर्देश दिए कि वह मरीना पर फुटपाथ और वॉकिंग ट्रेक निर्माण संबंधी विवरण भी पेश करे। इसके अलावा कार्पोरेशन से स्ट्रीट वेंडर एक्ट के तहत चिन्हित फुटकर विक्रेताओं व मछली बेचने वालों की सूची १३ दिसम्बर तक पेश करने का निर्देश हुआ है। इस याचिका पर अगली सुनवाई १६ दिसम्बर को होगी।
Published on:
06 Dec 2019 05:52 pm
बड़ी खबरें
View Allचेन्नई
तमिलनाडु
ट्रेंडिंग
